22 अप्रैल 2026 को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय पृथ्वी भवन में विश्व पृथ्वी दिवस मनाया और वैश्विक विषय 'हमारी शक्ति, हमारा ग्रह' पर एक उच्च-स्तरीय समारोह आयोजित किया। वरिष्ठ वैज्ञानिकों, तकनीकी कर्मचारियों और अधिकारियों ने मिलकर पृथ्वी दिवस संकल्प लिया तथा पर्यावरण संरक्षण और जलवायु न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पद्मश्री डॉ. शैलेश नायक, MoES के पूर्व सचिव और राष्ट्रीय उन्नत अध्ययन संस्थान (NIAS) के वर्तमान निदेशक उपस्थित रहे। उन्होंने मुख्य भाषण में ऐसी न्यायपूर्ण स्थिरता का आह्वान किया जिसमें जलवायु कार्रवाई का बोझ विकसित और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच बाँटा जाए। अधिकारियों ने इस बात पर बल दिया कि मनुष्य वर्तमान में पृथ्वी के पारिस्थितिक तंत्रों की पुनर्जनन क्षमता से 1.8 गुना तेज़ गति से प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग कर रहे हैं, जो व्यवहार और नीति में बदलाव की तात्कालिक आवश्यकता को रेखांकित करता है। वक्ताओं ने यह भी बताया कि भारत दुनिया का एकमात्र देश है जिसके पास पृथ्वी विज्ञान के लिए समर्पित मंत्रालय है, जो ग्रह के संरक्षण के प्रति संस्थागत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मंत्रालय ने अपने प्रमुख अभियानों में गहरा महासागर मिशन, मिशन मौसम, PRITHVI छत्र कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय ध्रुवीय और महासागर अनुसंधान कार्यक्रम को प्रस्तुत किया। ये सभी भारत के मिशन LiFE (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) और अप्रैल 2026 के आरंभ में प्रस्तुत देश के नवीनतम राष्ट्रीय निर्धारित अंशदानों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं, जिनमें 2035 तक उत्सर्जन तीव्रता में 47 प्रतिशत कमी और 60 प्रतिशत स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य रखा गया है।