नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने गांधीनगर, गुजरात में 'रीइमेजिनिंग एग्रीकल्चर: ए रोडमैप फॉर फ्रंटियर टेक्नोलॉजी लेड ट्रांसफॉर्मेशन' शीर्षक रोडमैप जारी किया। यह दस्तावेज भारतीय कृषि को तकनीक-आधारित, समावेशी और जलवायु-सहनशील बनाने की 2047 की दृष्टि रेखांकित करता है। इसके प्रमुख स्तंभों में कृषि-डेटा और परिशुद्ध खेती में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा, ड्रोन आधारित सेवाएँ, फसल सुधार के लिए बायोटेक और जीन-एडिटिंग, तथा फसल-कटाई के बाद होने वाले नुकसान को घटाने के लिए स्मार्ट आपूर्ति श्रृंखला शामिल हैं। रोडमैप 2047 तक किसान आय बढ़ाने और कृषि नवाचार में भारत की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता मजबूत करने पर केंद्रित है। राजस्थान — शुष्क परिस्थितियों, बार-बार सूखे और भूजल पर निर्भरता वाला एक प्रमुख कृषि राज्य — इस ढाँचे के तहत प्रस्तावित परिशुद्ध सिंचाई प्रौद्योगिकियों और जलवायु-सहनशील फसल किस्मों से काफी लाभ उठा सकेगा।