13 नवंबर 2025 को राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के टूरिज्म भवन में घूमर महोत्सव 2025 का आधिकारिक पोस्टर जारी किया और घोषणा की कि पहली बार 19 नवंबर 2025 को राज्य के सभी सात संभागीय मुख्यालयों — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर — पर एक साथ महोत्सव का आयोजन होगा। घूमर राजस्थान का प्रतिष्ठित लोक नृत्य है, जिसे परंपरागत रूप से महिलाएं रंग-बिरंगे परिधान में चक्करदार नृत्य करते हुए प्रस्तुत करती हैं। जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड पर आयोजित हुआ। दिया कुमारी ने कहा कि यह महोत्सव राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा, महिला सशक्तीकरण और पारंपरिक कला की अनंत सुंदरता का उत्सव है। इस आयोजन में सभी संभागों में एक साथ 6,100 महिलाओं ने घूमर प्रस्तुत किया, जिसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। यह भजनलाल शर्मा सरकार की सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है।
घूमर महोत्सव 2025: राजस्थान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 19 नवंबर को सभी 7 संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ उत्सव की घोषणा की
13 नवंबर 2025 को राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के टूरिज्म भवन में घूमर महोत्सव 2025 का आधिकारिक पोस्टर जारी किया और घोषणा की कि पहली बार 19 नवंबर 2025 को राज्य के सभी सात संभागीय मुख्यालयों — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर — पर एक साथ महोत्सव का आयोजन होगा। घूमर राजस्थान का प्रतिष्ठित लोक नृत्य है, जिसे परंपरागत रूप से महिलाएं रंग-बिरंगे परिधान में चक्करदार नृत्य करते हुए प्रस्तुत करती हैं। जयपुर में राज्य स्तरीय कार्यक्रम विद्याधर नगर स्टेडियम के फुटबॉल ग्राउंड पर आयोजित हुआ। दिया कुमारी ने कहा कि यह महोत्सव राजस्थान की सांस्कृतिक आत्मा, महिला सशक्तीकरण और पारंपरिक कला की अनंत सुंदरता का उत्सव है। इस आयोजन में सभी संभागों में एक साथ 6,100 महिलाओं ने घूमर प्रस्तुत किया, जिसे एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया। यह भजनलाल शर्मा सरकार की सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा है।
मुख्य तथ्य
- घूमर महोत्सव 2025 राजस्थान के सभी सात संभागीय मुख्यालयों पर एक साथ मनाया गया।
- उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जयपुर के टूरिज्म भवन में आधिकारिक पोस्टर जारी किया।
- 6,100 महिलाओं ने एक साथ घूमर प्रस्तुत किया जो एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ।
- घूमर राजस्थान का प्रतिष्ठित लोकनृत्य है जो पारंपरिक रूप से महिलाओं द्वारा किया जाता है।
- राज्य स्तरीय कार्यक्रम 19 नवंबर को जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में हुआ।
- यह पहल राजस्थान की राज्य पर्यटन नीति के तहत सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देती है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
घूमर क्या है और राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान के लिए यह क्यों महत्वपूर्ण है?
घूमर राजस्थान का प्रतिष्ठित लोकनृत्य है जिसे पारंपरिक रूप से महिलाएं रंग-बिरंगे परिधान, विशेषकर घाघरे में चक्करदार घूमते हुए प्रस्तुत करती हैं। यह नृत्य मूलतः भील समुदाय से जुड़ा था और बाद में राजपूत समुदाय ने भी इसे अपनाया। घूमर त्योहारों, विवाह समारोहों और शुभ अवसरों पर किया जाता है और राजस्थान की लोक विरासत और पर्यटन पहचान का केंद्र है।
घूमर महोत्सव 2025 में क्या अभूतपूर्व था और कौन-सा रिकॉर्ड बना?
घूमर महोत्सव 2025 पहली बार राजस्थान के सभी सात संभागीय मुख्यालयों — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर — पर 19 नवंबर 2025 को एक साथ मनाया गया। जयपुर के विद्याधर नगर स्टेडियम में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम में 6,100 महिलाओं ने एक साथ घूमर किया जो एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हुआ।
घूमर महोत्सव 2025 की घोषणा किसने की और कार्यक्रम का शुभारंभ कहाँ हुआ?
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने 13 नवंबर 2025 को जयपुर के टूरिज्म भवन में घूमर महोत्सव 2025 की घोषणा की और आधिकारिक पोस्टर जारी किया। वे राजस्थान की पर्यटन मंत्री भी हैं और यह कार्यक्रम राज्य के सांस्कृतिक पर्यटन संवर्धन अभियान का हिस्सा था।
राजस्थान के सात संभागीय मुख्यालय कौन-से हैं और इस आयोजन में उनका क्या महत्व है?
राजस्थान के सात संभागीय मुख्यालय हैं — जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, उदयपुर, कोटा और भरतपुर। ये राजस्थान की राज्य स्तर से नीचे की सर्वोच्च प्रशासनिक इकाइयाँ हैं। सभी सात पर एक साथ महोत्सव आयोजित करने से पूरे राज्य में सांस्कृतिक भागीदारी सुनिश्चित हुई और एकजुट उत्सव का प्रतीकात्मक महत्व बढ़ा।
घूमर महोत्सव राजस्थान की पर्यटन नीति और परीक्षा की दृष्टि से कैसे प्रासंगिक है?
कई शहरों में एक साथ आयोजित घूमर महोत्सव राजस्थान की राज्य पर्यटन नीति का हिस्सा है, जो सांस्कृतिक पर्यटन और लोक कलाओं के संवर्धन को बढ़ावा देती है। RAS प्रश्नपत्र-1 के लिए छात्रों को घूमर को राजस्थान का राज्य नृत्य, उसकी सांस्कृतिक उत्पत्ति और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स जैसी हालिया उपलब्धियाँ जाननी चाहिए। यह आयोजन राजस्थान की संभागीय प्रशासनिक संरचना के ज्ञान की भी परीक्षा करता है।
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