माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी 2026 को आरंभ हुई। यह देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) को समर्पित नौ दिवसीय पावन काल की शुरुआत है। गुप्त नवरात्रि मुख्यतः तांत्रिक परंपराओं और गूढ़ पूजा-पद्धतियों से जुड़ी है। राजस्थान में शक्ति परंपरा से जुड़े प्रमुख मंदिर हैं — श्री करणी माता मंदिर (देशनोक, बीकानेर), जो अपने पवित्र चूहों (काब्बा) के लिए अनूठा है; त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (बाँसवाड़ा) — एक शक्तिपीठ; शीतला माता मंदिर (जयपुर); रानी सती दादी मंदिर (झुंझुनू); तनोट माता (जैसलमेर) — जिन्हें BSF जवान पूजते हैं; तथा जीण माता (सीकर)। ये परंपराएँ RPSC RAS Paper-I में राजस्थान के इतिहास, कला और संस्कृति के पाठ्यक्रम में लोक धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों से संबंधित हैं।
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 का 19 जनवरी को आरंभ: धार्मिक महत्व, सांस्कृतिक परंपराएं और राजस्थान के शक्ति मंदिर
माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी 2026 को आरंभ हुई, जो देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) को समर्पित नौ दिवसीय पावन काल की शुरुआत है। गुप्त नवरात्रि मुख्यतः तांत्रिक परंपराओं और रहस्यात्मक पूजा पद्धतियों से जुड़ी है। राजस्थान में शक्ति परंपरा से जुड़े प्रमुख मंदिर हैं — श्री करणी माता मंदिर (देशनोक, बीकानेर), जो अपने पवित्र चूहों (काब्बा) के लिए अनूठा है; त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (बाँसवाड़ा) — एक शक्तिपीठ; शीतला माता मंदिर (जयपुर); रानी सती दादी मंदिर (झुंझुनू); तनोट माता (जैसलमेर) — जिन्हें BSF जवान पूजते हैं; तथा जीण माता (सीकर)। ये परंपराएँ RPSC RAS Paper-I के राजस्थान के इतिहास, कला और संस्कृति पाठ्यक्रम के अंतर्गत लोक धार्मिक परंपराओं और सामाजिक रीति-रिवाजों से संबंधित हैं।
मुख्य तथ्य
- माघ गुप्त नवरात्रि 2026 19 जनवरी से शुरू हुई और यह देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों को समर्पित है।
- गुप्त नवरात्रि चैत्र और शारदीय नवरात्रि से अलग, तांत्रिक परंपराओं और गुप्त पूजा-साधना से जुड़ी होती है।
- राजस्थान के प्रमुख शक्ति मंदिरों में करणी माता (देशनोक), त्रिपुरा सुंदरी (बाँसवाड़ा) और तनोट माता (जैसलमेर) शामिल हैं।
- जैसलमेर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित तनोट माता मंदिर में BSF जवान पूजा करते हैं।
- सच्चियाय माता (ओसियाँ, जोधपुर) और जीण माता (सीकर) महत्वपूर्ण लोक देवी परंपराएँ हैं।
- ये परंपराएँ RPSC RAS प्रश्न-पत्र-I के राजस्थान की लोक धार्मिक परंपराओं के पाठ्यक्रम से संबंधित हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
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राजस्थान का कौन सा मंदिर पवित्र चूहों के लिए प्रसिद्ध है और लोकप्रिय रूप से 'चूहों का मंदिर' कहा जाता है?
बीकानेर के पास देशनोक स्थित श्री करणी माता मंदिर अपने मंदिर परिसर में संरक्षित और पूजित चूहों के लिए प्रसिद्ध है। राजस्थान पर्यटन के अनुसार यहां सफेद चूहों को विशेष रूप से पवित्र माना जाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माघ गुप्त नवरात्रि क्या है और यह चैत्र या शारदीय नवरात्रि से किस प्रकार भिन्न है?
माघ गुप्त नवरात्रि हिंदू पंचांग के माघ और आषाढ़ मास में मनाई जाने वाली दो 'गुप्त' नवरात्रियों में से एक है। चैत्र और शारदीय नवरात्रि के बड़े सार्वजनिक उत्सवों के विपरीत, गुप्त नवरात्रि मुख्यतः तांत्रिक परंपराओं और रहस्यवादी पूजा-पद्धतियों से जुड़ी है।
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 कब शुरू हुई और किसे समर्पित है?
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 का आरंभ 19 जनवरी 2026 को हुआ। यह देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों — नवदुर्गा — को समर्पित है। इन नौ दिनों में श्रद्धालु उपवास रखते हैं, विशेष पूजा करते हैं और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं।
RPSC RAS की तैयारी के लिए राजस्थान के कौन से शक्ति मंदिर महत्वपूर्ण हैं?
राजस्थान के प्रमुख शक्ति मंदिरों में करणी माता मंदिर (देशनोक, बीकानेर), जो पवित्र चूहों के लिए प्रसिद्ध है; त्रिपुरा सुंदरी मंदिर (बाँसवाड़ा), जो एक शक्तिपीठ है; तनोट माता मंदिर (जैसलमेर), जहाँ BSF जवान पूजा करते हैं; सच्चियाय माता (ओसियाँ, जोधपुर); और जीण माता (सीकर) शामिल हैं। ये RAS Paper-I में लोक धार्मिक परंपराओं से जुड़े विषय से संबंधित हैं।
तनोट माता मंदिर का सामरिक और सांस्कृतिक महत्व क्यों है?
तनोट माता मंदिर जैसलमेर जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट स्थित है। 1965 और 1971 के युद्धों के बाद से BSF के जवान इस मंदिर की देखभाल करते हैं। मान्यता है कि देवी ने पाकिस्तानी गोलाबारी से इस क्षेत्र की अलौकिक रक्षा की थी।
देशनोक का करणी माता मंदिर RAS परीक्षा की दृष्टि से क्यों महत्वपूर्ण है?
बीकानेर के देशनोक में स्थित करणी माता मंदिर लगभग 20,000 पवित्र चूहों (काब्बा) के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है, जिन्हें भक्त पूजनीय मानते हैं। यह राजस्थान की लोक देवी परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र है और RAS Paper-I में राज्य की सांस्कृतिक व धार्मिक विरासत से जुड़े प्रश्नों के लिए प्रासंगिक है।
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