प्रकाशित: 28 मार्च 2026समाचार स्रोतशासन
साध्वी निरंजन ज्योति ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष का पदभार संभाला
साध्वी निरंजन ज्योति ने 18 मार्च 2026 से राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष का पदभार संभाला। इसी के साथ अमरावती के पूर्व महापौर किरण उमेश महाल्ले सदस्य के रूप में शामिल हुईं। वे भुवन भूषण कमल की जगह आई हैं, जिनका कार्यकाल 9 मार्च 2026 को समाप्त हुआ था।
साध्वी निरंजन ज्योति उत्तर प्रदेश की फतेहपुर सीट से पूर्व सांसद हैं और ग्रामीण विकास तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालयों में केंद्रीय राज्य मंत्री रह चुकी हैं। वे निषाद OBC समुदाय से हैं, और उनकी नियुक्ति को गैर-यादव OBC समुदायों तक BJP की पहुँच के रूप में देखा जा रहा है।
NCBC की स्थापना राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग अधिनियम, 1993 के तहत हुई थी और 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 से अनुच्छेद 338B के तहत इसे संवैधानिक दर्जा मिला। यह सरकार को पिछड़े वर्गों के सामाजिक-आर्थिक विकास पर सलाह देता है, अधिकार हनन की शिकायतों की जांच करता है और राष्ट्रपति को वार्षिक रिपोर्ट सौंपता है।
राजस्थान में OBC समुदाय जनसंख्या का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, इसलिए NCBC की कार्यप्रणाली का उप-वर्गीकरण विवादों, OBC आरक्षण और कल्याण योजनाओं के कार्यान्वयन पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
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प्रश्न: साध्वी निरंजन ज्योति की अध्यक्ष नियुक्ति के सन्दर्भ में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की संवैधानिक स्थिति एवं अधिदेश की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
फतेहपुर की पूर्व सांसद साध्वी निरंजन ज्योति ने 18 मार्च 2026 को एनसीबीसी अध्यक्ष का पदभार संभाला, किरण उमेश महाल्ले सदस्य बनीं। 2018 के 102वें संशोधन द्वारा अनुच्छेद 338बी के अंतर्गत संवैधानिक दर्जा प्राप्त एनसीबीसी ओबीसी कल्याण पर सलाह देता है, अधिकार-उल्लंघन की जांच करता है और राष्ट्रपति को वार्षिक रिपोर्ट सौंपता है।
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किस संवैधानिक संशोधन द्वारा राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) को संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Bएनसीबीसी को 102वें संवैधानिक संशोधन अधिनियम, 2018 से अनुच्छेद 338बी के तहत संवैधानिक निकाय का दर्जा दिया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) किस संवैधानिक अनुच्छेद के तहत स्थापित हुआ?
NCBC को 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा जोड़े गए अनुच्छेद 338B के तहत संवैधानिक निकाय के रूप में स्थापित किया गया। इससे पहले यह एक वैधानिक निकाय था। 102वें संशोधन ने इसे राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (अनुच्छेद 338) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (अनुच्छेद 338A) के समान संवैधानिक दर्जा दिया।
साध्वी निरंजन ज्योति कौन हैं और उन्होंने NCBC अध्यक्ष का कार्यभार कब संभाला?
साध्वी निरंजन ज्योति उत्तर प्रदेश के फतेहपुर निर्वाचन क्षेत्र की पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री हैं। उन्होंने 18 मार्च 2026 को राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) की अध्यक्ष का कार्यभार संभाला।
NCBC के प्रमुख कार्य क्या हैं?
NCBC तीन प्रमुख कार्य करता है: (1) OBC कल्याण नीतियों और सामाजिक-आर्थिक विकास पर केंद्र और राज्य सरकारों को सलाह देना; (2) OBC के अधिकारों और सुरक्षा उपायों के हनन से संबंधित शिकायतों की जाँच करना; और (3) सुरक्षा उपायों के क्रियान्वयन और OBC कल्याण की स्थिति पर राष्ट्रपति को वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
102वें संशोधन से पहले और बाद में OBC दर्जे का निर्धारण कैसे होता था?
102वें संशोधन से पहले राष्ट्रपति (राज्यपाल की सलाह पर) OBC सूची में समुदायों को शामिल कर सकते थे। संशोधन के बाद जोड़े गए अनुच्छेद 342A के अनुसार केंद्रीय सूची के लिए राष्ट्रपति और राज्य सूची के लिए राज्यपाल को यह शक्ति मिली, तथा NCBC को समुदायों को शामिल करने या बाहर करने के मामलों पर सलाह देने का संवैधानिक दर्जा प्राप्त हुआ।
RPSC RAS परीक्षा की तैयारी के लिए NCBC क्यों महत्वपूर्ण है?
NCBC RAS पेपर-2 (भारतीय राजव्यवस्था) और पेपर-3 (सामाजिक मुद्दे) के लिए प्रमुख विषय है। परीक्षाओं में अनुच्छेद 338B, 102वाँ संवैधानिक संशोधन, NCBC (OBC निकाय) और NCSC/NCST के बीच अंतर, आयोग का अधिदेश और उसकी नियुक्तियाँ पूछी जाती हैं। साध्वी निरंजन ज्योति की नियुक्ति इन संवैधानिक अवधारणाओं को समसामयिक संदर्भ देती है।