नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने AI, रोबोटिक्स और डिजिटल ट्विन्स जैसी अग्रणी प्रौद्योगिकियों से 2035 तक भारत को शीर्ष-तीन वैश्विक विनिर्माण हब बनाने का रणनीतिक रोडमैप जारी किया। अनुमान है कि इससे GDP में $270 अरब जुड़ेंगे और 10+ करोड़ कुशल नौकरियां सृजित होंगी।

रोडमैप में छह प्राथमिकता क्षेत्रों की पहचान की गई है: इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोटिव, वस्त्र, एयरोस्पेस और खाद्य प्रसंस्करण। एकीकृत कौशल केंद्रों के साथ 50 उन्नत विनिर्माण क्लस्टर स्थापित करने का प्रस्ताव है। राजस्थान का विनिर्माण क्षेत्र — सीमेंट, वस्त्र, रत्न और आभूषण — विकसित राजस्थान विजन के तहत 2047 तक राज्य के GSVA में 20% योगदान करने का लक्ष्य रखता है।