सरकार ने अधिसूचना संख्या 02/2025-कस्टम्स (एसजी) के तहत स्टील आयात पर अंतिम सुरक्षा शुल्क लगाया है। यह कदम भारत के घरेलू स्टील निर्माताओं को आयात में अचानक बढ़ोतरी से बचाने के उद्देश्य से लिया गया। शुल्क की दरें घटती हुई रखी गई हैं: अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 तक 12%, अप्रैल 2026 से अप्रैल 2027 तक 11.5%, और अप्रैल 2027 से अप्रैल 2028 तक 11%। इससे व्यापार उपचार, घरेलू उद्योग संरक्षण और आयात नीति के बीच संबंध समझने में मदद मिलती है।

यह सुरक्षा शुल्क एचएस कोड 7208-7212 और 7225-7226 के तहत आने वाले हॉट रोल्ड और कोल्ड रोल्ड कॉइल, प्लेट, मेटैलिक-कोटेड शीट और कलर-कोटेड शीट पर लागू है। इसका आधार डीजीटीआर की 16 अगस्त 2025 की जांच के निष्कर्ष हैं। डीजीटीआर भारत में व्यापार उपचार मामलों की जांच से जुड़ा निकाय है, इसलिए इस खबर में संस्था, जांच और सरकार के अंतिम शुल्क निर्णय का क्रम सीधे पूछा जा सकता है।

RAS और UPSC शैली की तैयारी में इस उदाहरण से दिखता है कि आयात दबाव, घरेलू उद्योग संरक्षण और व्यापार नीति एक ही शुल्क निर्णय में कैसे साथ आते हैं। प्रीलिम्स में अधिसूचना संख्या, दरों का क्रम, लागू उत्पाद और एचएस कोड पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसका उपयोग इस उदाहरण के रूप में किया जा सकता है कि सरकार आयात दबाव के समय घरेलू विनिर्माण क्षेत्र को राहत देने के लिए शुल्क उपायों का सहारा लेती है। ध्यान रखने योग्य बात यह है कि यह सामान्य स्टील नीति नहीं, बल्कि चुने हुए स्टील उत्पादों पर लागू अंतिम सुरक्षा शुल्क है।