भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) के 2025 अध्ययन के अनुसार ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (GIB) की कुल संख्या मात्र 150–200 रह गई है; 2025 प्रजनन काल में राजस्थान एवं गुजरात में केवल 19 नर देखे गए। 1982 में 4,374 से यह 80% से अधिक घट चुकी है। राजस्थान का डेजर्ट नेशनल पार्क (जैसलमेर) इसका अंतिम गढ़ है, जहाँ 90–128 पक्षी हैं; गुजरात में 15 से कम। WII सर्वे में पाया गया कि राजस्थान के थार क्षेत्र में बिजली संचरण लाइनें हर साल लगभग 84,000 पक्षियों की जान लेती हैं। सैम एवं रामदेवरा केंद्रों (राजस्थान) पर 2019 से अब तक 60 से अधिक चूजे बंदी प्रजनन से पाले गए हैं; अभी 73 पक्षी केंद्रों में हैं। 2025 में पहली अंतर-राज्यीय 'जम्पस्टार्ट' पहल के तहत गुजरात के कच्छ में GIB चूजा सफलतापूर्वक जन्मा।