सरकारी कंपनी इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने फ़्रांस की सैफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस के साथ दो प्रणालियों का उत्पादन भारत में लाने के लिए सहयोग समझौता किया। ये प्रणालियाँ SIGMA 30N डिजिटल रिंग लेज़र जाइरो आधारित जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और CM3-MR प्रत्यक्ष फ़ायरिंग दृष्टि-यंत्र हैं। SIGMA 30N का उपयोग तोपों, वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइलों और रडार में होता है, जबकि CM3-MR को तोपों और ड्रोन-रोधी प्रणालियों के लिए बनाया गया है। भारत में रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण की पहल के तहत यह समझौता भारतीय सेना के लिए देश में निर्माण, अंतिम असेंबली, परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और पूरे सेवा-काल में सहायता को बढ़ावा देता है।
इंडिया ऑप्टेल और सैफ्रान ने भारत में सिग्मा 30एन और सीएम3-एमआर उत्पादन के लिए समझौता किया
इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और सैफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने भारत में सिग्मा 30एन जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और सीएम3-एमआर डायरेक्ट फायरिंग साइट के उत्पादन के लिए सहयोग समझौता किया।
मुख्य तथ्य
- इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और सैफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने भारत में SIGMA 30N जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और CM3-MR प्रत्यक्ष फ़ायरिंग दृष्टि-यंत्र के उत्पादन के लिए समझौता किया।
- SIGMA 30N का उपयोग तोपों, वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइलों और रडार में होता है, जबकि CM3-MR को तोपों और ड्रोन-रोधी प्रणालियों के लिए बनाया गया है।
- यह समझौता भारत-फ़्रांस रक्षा साझेदारी और मेक इन इंडिया पहल का हिस्सा है।
- तकनीक के हस्तांतरण से भारत में इन प्रणालियों के निर्माण, अंतिम असेंबली, परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और पूरे सेवा-काल में सहायता की क्षमता मज़बूत होगी।
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भारतीय नौसेना के लिए लॉन्च किए गए पहले स्वदेशी कैडेट प्रशिक्षण जहाज कृष्णा का लगभग कितना विस्थापन है?
कृष्णा, भारतीय नौसेना के लिए L&T कट्टुपल्ली में बन रहे तीन स्वदेशी कैडेट प्रशिक्षण जहाजों में पहला जहाज है। इसका लगभग विस्थापन 4,700 टन है। इस श्रेणी के जहाजों का उपयोग तट पर बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अधिकारी कैडेटों को समुद्र में प्रशिक्षण देने के लिए किया जाएगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में SIGMA 30N और CM3-MR के उत्पादन से जुड़ा इंडिया ऑप्टेल-सैफ्रान समझौता क्या है और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और सैफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस ने भारत में SIGMA 30N जड़त्वीय नेविगेशन प्रणाली और CM3-MR प्रत्यक्ष फ़ायरिंग दृष्टि-यंत्र के उत्पादन के लिए सहयोग समझौता किया। यह समझौता महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे भारतीय सेना के लिए इन प्रणालियों का देश में उत्पादन और पूरे सेवा-काल में सहायता संभव होगी।
इंडिया ऑप्टेल-सैफ्रान समझौते की प्रमुख बातें क्या हैं?
SIGMA 30N का उपयोग तोपों, वायु रक्षा प्रणालियों, मिसाइलों और रडार में होता है। CM3-MR को तोपों और ड्रोन-रोधी प्रणालियों के लिए बनाया गया है। समझौते में देश में निर्माण, अंतिम असेंबली, परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और पूरे सेवा-काल में सहायता शामिल है।
इंडिया ऑप्टेल-सैफ्रान समझौते के मुख्य पक्ष कौन हैं?
इस समझौते के मुख्य पक्ष सरकारी कंपनी इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और फ़्रांस की सैफ्रान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड डिफेंस हैं। समझौते में शामिल प्रणालियाँ और उनसे जुड़ी सहायता भारतीय सेना के लिए हैं।
इस समझौते से जुड़ी प्रमुख संख्या क्या है, और क्या इसमें उत्पादन का कोई लक्ष्य दिया गया है?
30, SIGMA 30N प्रणाली के नाम का हिस्सा है। समझौते में उत्पादन का कोई अलग संख्यात्मक लक्ष्य नहीं बताया गया है।
इंडिया ऑप्टेल-सैफ्रान समझौते का भारत पर व्यापक प्रभाव क्या होगा?
तकनीक के हस्तांतरण से रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण की पहल के तहत भारत में इन प्रणालियों के निर्माण, असेंबली, परीक्षण, गुणवत्ता नियंत्रण और पूरे सेवा-काल में सहायता की क्षमता मज़बूत होगी।
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