प्रकाशित: 7 जनवरी 2026DD Newsराजस्थान
78वें सेना दिवस परेड की उलटी गिनती शुरू, जयपुर में 'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी का उद्घाटन
भारत के 78वें सेना दिवस समारोह, 15 जनवरी, की तैयारियों के तहत 8 जनवरी 2026 को जयपुर में चार दिवसीय नो योर आर्मी प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि जयपुर इतिहास में पहली बार सैन्य छावनी क्षेत्र के बाहर भव्य सेना दिवस परेड देखेगा और लखनऊ, पुणे तथा बेंगलुरु के बाद दिल्ली के बाहर इस राष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी करने वाला चौथा शहर बनेगा।
प्रदर्शनी 8 से 12 जनवरी तक सीकर रोड पर भवानी निकेतन कॉलेज परिसर में आयोजित की गई और इसमें भारतीय सेना द्वारा उपयोग की जाने वाली मिसाइलों, ड्रोनों, टैंकों और हथियार प्रणालियों सहित सैन्य उपकरणों की शृंखला प्रदर्शित की गई। इंटरैक्टिव प्रदर्शनों से आगंतुकों को सेना की परिचालन तत्परता, संचार प्रणालियों और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान मानवीय सहायता क्षमताओं को समझने का अवसर मिला।
78वीं सेना दिवस परेड बाद में 15 जनवरी 2026 को जयपुर के महल रोड पर अक्षय पात्र सर्कल से बॉम्बे हॉस्पिटल तक आयोजित की गई। इस ऐतिहासिक परेड में पैदल सेना रेजिमेंटों का मार्च-पास्ट, स्वदेशी रक्षा उपकरणों का प्रदर्शन, हवाई प्रदर्शन और सेना की डेयरडेविल टीम द्वारा मोटरसाइकिल स्टंट शामिल थे। एक लाख से अधिक दर्शकों ने परेड देखी।
सेना दिवस हर वर्ष 15 जनवरी को 1949 में जनरल के.एम. करिअप्पा की भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में नियुक्ति की स्मृति में मनाया जाता है। जयपुर में परेड आयोजित करने का निर्णय राजपूताना राइफल्स और जाट रेजिमेंट जैसी प्रतिष्ठित रेजिमेंटों से भारत के सैन्य इतिहास में राजस्थान के महत्वपूर्ण योगदान की मान्यता थी। जयपुर का चयन पूरे भारत में सैन्य परंपराओं को नागरिक आबादी के करीब ले जाने की सशस्त्र बलों की जनसंपर्क रणनीति का हिस्सा भी माना गया।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: जयपुर में 78वें सेना दिवस परेड के आयोजन के ऐतिहासिक महत्व की चर्चा कीजिए तथा अपनी प्रतिष्ठित रेजीमेंटों के जरिए भारत की सैन्य परंपराओं में राजस्थान के योगदान का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
8 जनवरी 2026 को जयपुर के भवानी निकेतन कॉलेज में 'अपनी सेना जानें' प्रदर्शनी खुली। 15 जनवरी को महल रोड पर 78वें सेना दिवस परेड हुई; यह छावनी से बाहर हुआ पहला संस्करण और लखनऊ, पुणे, बेंगलुरू के बाद चौथा आयोजन था। यह दिवस जनरल के.एम. करिअप्पा की 1949 नियुक्ति की याद दिलाता है; राजपूताना राइफल्स राजस्थान की सैन्य परंपरा को सामने रखती हैं।
6-अक्ष वर्गीकरण
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जुड़ा प्रश्नआसान
जनवरी 2026 में 78वीं सेना दिवस परेड की मेजबानी किस शहर ने की, जो दिल्ली के बाहर ऐसा करने वाला चौथा शहर बना?
व्याख्या · सही उत्तर Cजयपुर ने 15 जनवरी 2026 को महल रोड पर 78वीं सेना दिवस परेड की मेजबानी की और दिल्ली के बाहर इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करने वाला चौथा शहर बना।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी क्या थी और यह जयपुर में कब खुली?
'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी 8 जनवरी 2026 को जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड (15 जनवरी) से पहले एक प्रारंभिक कार्यक्रम के रूप में शुरू हुई। इसमें भारतीय सेना के उपकरण, तकनीक और करियर के अवसर प्रदर्शित किए गए।
सेना दिवस 2026 का विषय क्या है?
सेना दिवस 2026 का विषय 'नेटवर्किंग और डेटा-केंद्रितता का वर्ष' है। यह विषय आधुनिक संचार नेटवर्क और डेटा-आधारित निर्णय-प्रक्रिया के जरिए परिचालन क्षमता बढ़ाने पर भारतीय सेना के ध्यान को दर्शाता है।
जयपुर में 78वीं सेना दिवस परेड ऐतिहासिक क्यों थी?
15 जनवरी 2026 को जयपुर में आयोजित 78वीं सेना दिवस परेड ऐतिहासिक थी क्योंकि यह पहली बार था जब राजस्थान में छावनी क्षेत्र के बाहर सेना दिवस परेड हुई। इससे सेना को आम जनता के करीब लाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया।
भारत में सेना दिवस कब मनाया जाता है और यह किसकी स्मृति में है?
भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है। यह 1949 में उस दिन की स्मृति में मनाया जाता है, जब फील्ड मार्शल के.एम. करियप्पा ने जनरल सर फ्रांसिस बुचर से भारतीय सेना के प्रथम भारतीय कमांडर-इन-चीफ का कार्यभार सँभाला था।
RAS अभ्यर्थियों और नागरिकों के लिए 'नो योर आर्मी' प्रदर्शनी का उद्देश्य क्या था?
इस प्रदर्शनी का उद्देश्य नागरिकों, छात्रों और अभ्यर्थियों को भारतीय सेना के उपकरणों, तकनीकी क्षमताओं और करियर के अवसरों से परिचित कराना था। RAS अभ्यर्थियों के लिए सेना की संरचना और राष्ट्रीय रक्षा पहलों की समझ सामान्य अध्ययन और साक्षात्कार की तैयारी में उपयोगी है।