भारत सरकार ने शिरीष चंद्र मुर्मू को RBI का नया डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया। यह नियुक्ति 9 अक्टूबर 2025 से प्रभावी है और वे एम. राजेश्वर राव का स्थान लेते हैं। नियुक्ति 3 वर्ष के कार्यकाल के लिए है। परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य भारतीय अर्थव्यवस्था और शासन, दोनों हिस्सों से जुड़ता है, क्योंकि RBI की नेतृत्व-व्यवस्था बैंकिंग विनियमन, वित्तीय बाजार, मुद्रा प्रबंधन और भुगतान व्यवस्था जैसे विषयों से सीधा संबंध रखती है।
शिरीष चंद्र मुर्मू 1991 में RBI में शामिल हुए थे। उनके काम का अनुभव बैंकिंग विनियमन, वित्तीय बाजार, मुद्रा प्रबंधन और सूचना प्रौद्योगिकी तक फैला रहा है। RBI की आधिकारिक सूची में उनका कार्यकाल 09.10.2025 से आगे दिखाया गया है। इससे प्रारंभिक परीक्षा में व्यक्ति, पद, तिथि, पूर्वाधिकारी और कार्यकाल जैसे सीधे तथ्य पूछे जा सकते हैं।
RBI की आधिकारिक विभागीय सूची में शिरीष चंद्र मुर्मू के पोर्टफोलियो में संचार विभाग, मुद्रा प्रबंधन विभाग, भुगतान और निपटान प्रणाली विभाग, विनियमन विभाग और प्रवर्तन विभाग दर्ज हैं। इसलिए यह नियुक्ति केवल एक व्यक्ति-विशेष समाचार नहीं है; यह वित्तीय नियमन और केंद्रीय बैंकिंग प्रशासन से जुड़ा अपडेट भी है। भुगतान और निपटान प्रणाली, मुद्रा प्रबंधन और विनियमन जैसे शब्द बैंकिंग व्यवस्था की संस्थागत भूमिका समझने में मदद करते हैं।
RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में यह विषय स्टैटिक जीके से भी जुड़ता है: RBI, केंद्रीय बैंक, वित्तीय नियमन, सरकारी नियुक्तियां और आर्थिक प्रशासन। मुख्य परीक्षा के छोटे उत्तरों में इसे नेतृत्व-परिवर्तन के उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। मुख्य तथ्य हैं: नाम, पद, प्रभावी तिथि, पूर्वाधिकारी, 3 वर्ष का कार्यकाल, 1991 से RBI पृष्ठभूमि और प्रमुख पोर्टफोलियो।
