सितंबर 2025 में भारत की आर्थिक नीति से जुड़े कई प्रमुख कदम सामने आए: RBI ने नीति ब्याज दर को 5.5% कर दिया (जनवरी 2025 में 6.5% से घटाकर), जो विकास को बढ़ावा देने वाले उदार मौद्रिक रुख का संकेत है। कई कर स्लैबों को मिलाने वाला ऐतिहासिक GST सरलीकरण सुधार शुरू किया गया, जिससे GDP वृद्धि में 0.1 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी होने का अनुमान है। उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत 14 क्षेत्रों में 2,00,000 करोड़ रुपये के संचित निवेश की सूचना दी गई, जिससे 12.6 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न हुए। Q1 FY2025-26 में वास्तविक GDP वार्षिक आधार पर 7.8% बढ़ी।
RBI ने रेपो रेट घटाकर 5.5% किया; GST सुधार और PLI योजना ने आर्थिक गति को बढ़ावा दिया
सितंबर 2025 में भारत की आर्थिक नीति में कई अहम पड़ाव सामने आए: RBI ने नीति ब्याज दर को 5.5% (जनवरी 2025 में 6.5% से) घटाया, जो विकास को बढ़ावा देने वाले उदार मौद्रिक रुख का संकेत देता है। कई कर स्तरों को मिलाकर एक ऐतिहासिक GST सरलीकरण सुधार शुरू किया गया, जिससे GDP वृद्धि में 0.1 प्रतिशत अंक की वृद्धि होने का अनुमान है। उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (PLI) योजना में 14 क्षेत्रों में 2,00,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश की जानकारी दी गई, जिससे 12.6 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उत्पन्न हुए। Q1 FY2025-26 में वास्तविक GDP वार्षिक आधार पर 7.8% बढ़ी।
मुख्य तथ्य
- RBI ने सितंबर 2025 में रेपो रेट 6.5% से घटाकर 5.5% किया।
- आर्थिक वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए उदार मौद्रिक रुख अपनाया।
- GST को सरल बनाने वाला सुधार शुरू हुआ, GDP में 0.1 प्रतिशत अंक की वृद्धि का अनुमान है।
- PLI योजना ने 14 क्षेत्रों में 2,00,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया।
- PLI योजना से 12.6 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए।
- Q1 FY2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वार्षिक आधार पर 7.8% बढ़ी।
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लेख के अनुसार, सितंबर 2025 तक 14 क्षेत्रों में उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजना के तहत कुल कितना निवेश हुआ था?
PIB के अनुसार, सितंबर 2025 तक 14 क्षेत्रों में PLI योजनाओं के तहत 2,00,000 करोड़ रुपये का वास्तविक निवेश हुआ। इससे 18.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का अतिरिक्त उत्पादन/बिक्री और 12.6 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
RBI ने सितंबर 2025 में रेपो रेट में क्या बदलाव किया और इसका क्या महत्व है?
RBI ने सितंबर 2025 में रेपो रेट 6.5% (जनवरी 2025) से घटाकर 5.5% कर दिया — यानी 100 आधार अंकों की कटौती। यह उदार मौद्रिक नीति रुख का संकेत है, जिसका अर्थ है कि RBI अब महंगाई नियंत्रण से ज्यादा आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दे रहा है ताकि ऋण सस्ता हो और निवेश व उपभोग को बढ़ावा मिले।
सितंबर 2025 में GST सरलीकरण सुधार क्या था और इसका क्या असर होगा?
इस सुधार में कई कर स्तरों को एकीकृत करके GST ढांचे को सरल बनाया गया, जिससे व्यवसायों के लिए अनुपालन आसान हुआ। अनुमान है कि इससे GDP वृद्धि में 0.1 प्रतिशत अंक का योगदान होगा क्योंकि परोक्ष कर का बोझ कम होगा और व्यापार करने में आसानी बढ़ेगी।
PLI योजना क्या है और इसने अब तक क्या हासिल किया है?
PLI (उत्पादन से जुड़ा प्रोत्साहन) योजना सरकार की वह पहल है जिसमें चुनिंदा क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने पर वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाता है। सितंबर 2025 तक इसके तहत 14 क्षेत्रों में 2,00,000 करोड़ रुपये का कुल निवेश आया और 12.6 लाख प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हुए।
Q1 FY2025-26 में भारत की GDP वृद्धि दर कितनी रही?
Q1 FY2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वार्षिक आधार पर 7.8% की दर से बढ़ी। यह मजबूत वृद्धि दर घरेलू मांग, निवेश की गति और PLI व GST सरलीकरण जैसे संरचनात्मक सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाती है।
उदार और संकुचनकारी मौद्रिक नीति में क्या फर्क है और यह अर्थव्यवस्था के लिए क्यों मायने रखता है?
उदार (ढीली) मौद्रिक नीति में ब्याज दरें घटाई जाती हैं ताकि ऋण सस्ता हो और व्यवसाय व उपभोक्ता खर्च तथा निवेश बढ़ाएं। संकुचनकारी नीति में दरें बढ़ाई जाती हैं ताकि महंगाई नियंत्रित हो। सितंबर 2025 में RBI का 5.5% रेपो रेट का फैसला उस समय की अनुकूल महंगाई स्थिति का लाभ उठाकर वृद्धि को गति देने के उद्देश्य से लिया गया था।
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