1 फरवरी 2026 को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत-VISTAAR (कृषि संसाधनों तक पहुँच के लिए आभासी एकीकृत प्रणाली; Virtually Integrated System to Access Agricultural Resources) प्लेटफ़ॉर्म की घोषणा की। यह कृषि के लिए AI-सक्षम बहुभाषी डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) है। प्लेटफ़ॉर्म को शुरुआत में ₹150 करोड़ का आवंटन मिला। इसके बाद 17 फरवरी 2026 को केंद्रीय कृषि मंत्री ने जयपुर, राजस्थान में इसका शुभारंभ किया।

भारत-VISTAAR किसानों को समय पर और उनकी ज़रूरत के मुताबिक सलाह देने के लिए कई तरह के आँकड़ों और सूचनाओं को जोड़ता है। इनमें मौसम का पूर्वानुमान, बाज़ार भाव, फ़सल संबंधी सलाह, कीट चेतावनी, मिट्टी की सेहत की जानकारी और सरकारी योजनाओं का विवरण शामिल हैं। यह AgriStack के पोर्टलों को भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा सुझाई गई कृषि पद्धतियों से जोड़ता है और AI की मदद से हर खेत तथा उसकी स्थानीय परिस्थितियों के मुताबिक सलाह तैयार करता है।

इसे तीन तरीकों से इस्तेमाल किया जा सकता है: स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए मोबाइल ऐप; 'भारती' नाम की AI सहायक से आवाज़ में सलाह देने वाली टोल-फ़्री हेल्पलाइन 155261; और ग्रामीण क्षेत्रों में बिना स्मार्टफोन वाले लोगों के लिए साधारण फ़ोन से उपयोग की सुविधा। पहले चरण में यह सेवा हिंदी और अंग्रेज़ी में उपलब्ध है। आगे 11 भारतीय भाषाओं तक इसका विस्तार करने की योजना है, जिनमें गुजराती, तमिल, बंगाली, असमिया और कन्नड़ शामिल हैं।

राजस्थान से जुड़ाव: केंद्रीय कृषि मंत्री ने 17 फरवरी 2026 को जयपुर में भारत-VISTAAR का शुभारंभ किया, जो राजस्थान के लिए इसकी खास अहमियत दिखाता है। राज्य में बाजरा और ज्वार जैसी खरीफ़ फ़सलें तथा सरसों और गेहूँ जैसी रबी फ़सलें उगाई जाती हैं और कृषि ग्रामीण आबादी के बड़े हिस्से को रोज़गार देती है। राजस्थान की कामकाजी आबादी में लगभग 62% लोग आजीविका के लिए कृषि पर निर्भर हैं। कीटों की AI आधारित चेतावनियाँ और बाज़ार भाव की जानकारी उन्हें सीधे लाभ पहुँचा सकती हैं।