भारत और यूनाइटेड किंगडम ने 10 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में द्विपक्षीय सामाजिक सुरक्षा समझौते (SSA) पर हस्ताक्षर किए। समझौते पर भारत की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिस्री और UK की ओर से ब्रिटिश उच्चायुक्त लिंडी कैमरून ने हस्ताक्षर किए।

SSA दोनों देशों के उन कर्मचारियों को दोहरा सामाजिक सुरक्षा अंशदान देने से राहत देता है, जिन्हें अस्थायी रूप से (36 महीने तक) दूसरे देश में नियुक्त किया जाता है। अब ऐसे कर्मचारी केवल अपने गृह देश की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में अंशदान देंगे — UK के नेशनल इंश्योरेंस और भारत के EPF दोनों में एक साथ नहीं।

लगभग 75,000 भारतीय पेशेवर — मुख्यतः IT, इंजीनियरिंग और वित्त क्षेत्र में — और 900 से अधिक कंपनियां इससे लाभान्वित होंगी। सरकार का अनुमान है कि कुल बचत ₹4,000 करोड़ से अधिक होगी। UK में नियुक्त कर्मचारी EPFO या विदेश मंत्रालय से कवरेज प्रमाणपत्र (CoC) प्राप्त कर सकते हैं।

यह SSA जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित व्यापक भारत-UK CETA का अभिन्न हिस्सा है और 2026 की पहली छमाही में CETA के साथ लागू होगा।