प्रकाशित: 4 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: शुल्क 18% पर, भारत ने $500 अरब की अमेरिकी ऊर्जा खरीदने का संकल्प लिया
2 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा की, जिससे महीनों से बढ़ रहा व्यापार तनाव समाप्त हुआ। इस समझौते से भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क की प्रभावी दर 50% से घटाकर 18% कर दी गई। रूस से तेल खरीद जारी रखने वाले देशों पर लगाया गया 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश से हटा दिया गया।
भारत ने प्रतिबद्धता जताई कि: सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं, कृषि उत्पादों और ICT माल पर शुल्क शून्य किया जाएगा; अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों पर गैर-शुल्क बाधाएं दूर की जाएंगी; और अगले पांच वर्षों में $500 अरब की अमेरिकी ऊर्जा, विमान पुर्जे, प्रौद्योगिकी और कोकिंग कोयले की खरीद की जाएगी।
इस समझौते को USTR के संयुक्त वक्तव्य और व्हाइट हाउस फैक्ट शीट के ज़रिए औपचारिक रूप दिया गया। राजस्थान के लिए अमेरिकी सोयाबीन तेल के आयात से स्थानीय तिलहन किसान प्रभावित हो सकते हैं, जबकि वस्त्र निर्यात उद्योग को लाभ मिल सकता है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 2 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के रणनीतिक एवं आर्थिक निहितार्थों का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
2 फरवरी 2026 को भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हुए; भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क 50% से घटाकर 18% किया गया और 25% रूस-तेल दंडात्मक शुल्क हटाया गया। भारत ने पाँच वर्षों में 500 अरब डॉलर की अमेरिकी ऊर्जा, विमान पुर्जे, प्रौद्योगिकी वस्तु और कोकिंग कोयले की खरीद का संकल्प लिया, जिससे राजस्थान वस्त्रों को लाभ होगा।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे में भारत ने अमेरिकी ऊर्जा और अन्य उत्पादों की कितनी राशि तक खरीद की मंशा जताई?
व्याख्या · सही उत्तर CWhite House के तथ्य-पत्र में कहा गया था कि भारत अमेरिकी ऊर्जा, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी, कोयला और अन्य उत्पादों की 500 अरब डॉलर से अधिक की खरीद की मंशा रखता है। भारतीय अधिकारियों ने बाद में स्पष्ट किया कि यह बाध्यकारी आयात-प्रतिबद्धता नहीं, बल्कि व्यावसायिक मंशा का संकेत था। इसलिए सावधानी के साथ सही उत्तर 500 अरब डॉलर है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार सौदे की मुख्य शर्तें क्या हैं?
2 फरवरी 2026 को हस्ताक्षरित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार सौदे में भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क 50% से घटाकर 18% किया गया और रूसी तेल पर लगा 25% दंडात्मक शुल्क हटाया गया। बदले में भारत ने 5 वर्षों में $500 अरब की अमेरिकी ऊर्जा और प्रौद्योगिकी खरीदने का वादा किया।
रूसी तेल पर दंडात्मक शुल्क क्या था और इसे हटाना क्यों महत्वपूर्ण है?
25% का रूसी तेल से जुड़ा दंडात्मक शुल्क वह अतिरिक्त कर था जो अमेरिका ने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जारी रखने के कारण भारतीय वस्तुओं पर लगाया था। अंतरिम व्यापार सौदे में इसे हटाना महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे एक बड़ी व्यापार बाधा समाप्त होती है और भारत की ऊर्जा आयात नीति में रणनीतिक बदलाव दिखता है।
भारत ने अंतरिम व्यापार सौदे के तहत अमेरिका से क्या खरीदने का वादा किया?
भारत ने अंतरिम व्यापार सौदे के तहत 5 वर्षों में $500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा और प्रौद्योगिकी उत्पाद खरीदने का वादा किया। यह प्रतिबद्धता बताती है कि भारत अपने ऊर्जा आयात स्रोतों में रणनीतिक रूप से रूस पर निर्भरता घटाकर अमेरिका की ओर झुकाव बढ़ा रहा है।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार सौदे पर गोल्डमैन सैक्स की क्या प्रतिक्रिया थी?
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार सौदे पर हस्ताक्षर के बाद गोल्डमैन सैक्स ने कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए भारत का GDP पूर्वानुमान बढ़ाया। इससे बाजार का यह विश्वास दिखता है कि द्विपक्षीय व्यापार में नई शुरुआत से भारतीय निर्यात और आर्थिक विकास में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
RPSC RAS अभ्यर्थी के लिए भारत-अमेरिका व्यापार सौदा जानना क्यों जरूरी है?
यह सौदा भारत की विदेश व्यापार नीति, द्विपक्षीय कूटनीति, ऊर्जा सुरक्षा रणनीति और समष्टि आर्थिक प्रभाव से जुड़ा है, इसलिए RAS अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे समझौते सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र में अंतर्राष्ट्रीय संबंध और आर्थिक नीति से जुड़े विषयों से सीधे संबंधित हैं।