2 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा की, जिससे महीनों से बढ़ रहा व्यापार तनाव समाप्त हुआ। इस समझौते से भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी शुल्क की प्रभावी दर 50% से घटाकर 18% कर दी गई। रूस से तेल खरीद जारी रखने वाले देशों पर लगाया गया 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क भी राष्ट्रपति के कार्यकारी आदेश से हटा दिया गया।

भारत ने प्रतिबद्धता जताई कि: सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं, कृषि उत्पादों और ICT माल पर शुल्क शून्य किया जाएगा; अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों पर गैर-शुल्क बाधाएं दूर की जाएंगी; और अगले पांच वर्षों में $500 अरब की अमेरिकी ऊर्जा, विमान पुर्जे, प्रौद्योगिकी और कोकिंग कोयले की खरीद की जाएगी।

इस समझौते को USTR के संयुक्त वक्तव्य और व्हाइट हाउस फैक्ट शीट के ज़रिए औपचारिक रूप दिया गया। राजस्थान के लिए अमेरिकी सोयाबीन तेल के आयात से स्थानीय तिलहन किसान प्रभावित हो सकते हैं, जबकि वस्त्र निर्यात उद्योग को लाभ मिल सकता है।