7 जनवरी 2026 के आसपास भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने राजस्थान और उत्तर भारत के कई राज्यों — दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड — को अपनी चपेट में लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया। राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और सीकर में सुबह दृश्यता लगभग शून्य रही, जिससे ट्रेनें विलंबित हुईं और उड़ानें बाधित हुईं। राजस्थान के उत्तरी जिलों में तापमान 2°C से नीचे गिरा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला कलेक्टरों को रात्रि आश्रयों (रैन बसेरा) की व्यवस्था, कंबल वितरण और आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। रबी फसल — विशेष रूप से सरसों और गेहूँ — को पाले से नुकसान का खतरा रहा।
राजस्थान और उत्तर भारत में भीषण शीतलहर; IMD का ऑरेंज अलर्ट — घने कोहरे से रेल और वायु यातायात बाधित
7 जनवरी 2026 के आसपास भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने राजस्थान और उत्तर भारत के कई राज्यों — दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड — को अपनी चपेट में लिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया। राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और सीकर में सुबह के घंटों में दृश्यता लगभग शून्य रही, जिससे ट्रेनें विलंबित और उड़ानें बाधित हुईं। राजस्थान के उत्तरी जिलों में तापमान 2°C से नीचे गिरा। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) और जिला कलेक्टरों को रात्रि आश्रयों (रैन बसेरा) की व्यवस्था, कंबल वितरण और आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। रबी फसल — विशेष रूप से सरसों और गेहूँ — को पाले से नुकसान का खतरा रहा।
मुख्य तथ्य
- 7 जनवरी 2026 के आसपास भीषण शीतलहर और घने कोहरे ने राजस्थान और उत्तर भारत को अपनी चपेट में लिया।
- IMD ने कई उत्तरी राज्यों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया।
- बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और सीकर में दृश्यता लगभग शून्य हो गई।
- उत्तरी राजस्थान के जिलों में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिरा।
- घने कोहरे ने पूरे क्षेत्र में रेल, सड़क और हवाई यातायात में बड़ी बाधाएँ पैदा कीं।
- SDMA ने कमजोर वर्गों के लिए शीतलहर राहत उपाय सक्रिय किए।
6-अक्ष वर्गीकरण
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स्रोत: IMD
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जनवरी 2026 की शीतलहर के दौरान IMD ने राजस्थान के लिए कौन-सा अलर्ट जारी किया और इसका क्या अर्थ है?
7 जनवरी 2026 के आसपास भीषण शीतलहर के दौरान IMD ने राजस्थान के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। शीतलहर के संदर्भ में ऑरेंज अलर्ट अत्यधिक ठंड और घने कोहरे की चेतावनी है, जिसमें अधिकारियों और जनता को तैयार रहने के लिए कहा जाता है।
जनवरी 2026 की शीतलहर के दौरान राजस्थान के किन जिलों में घने कोहरे से दृश्यता लगभग शून्य हो गई?
7 जनवरी 2026 की शीतलहर के दौरान उत्तरी राजस्थान के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और सीकर में दृश्यता लगभग शून्य हो गई। इन जिलों में घने कोहरे के कारण रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ।
जनवरी 2026 की शीतलहर के दौरान उत्तरी राजस्थान में कितना तापमान दर्ज किया गया?
7 जनवरी 2026 के आसपास भीषण शीतलहर के दौरान उत्तरी राजस्थान के जिलों में तापमान 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे गिर गया। IMD की परिभाषा के अनुसार, जब तापमान सामान्य से 4.5°C या अधिक नीचे हो, तो यह “भीषण शीतलहर” की श्रेणी में आता है।
जनवरी 2026 की शीतलहर के दौरान राजस्थान में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने क्या भूमिका निभाई?
जनवरी 2026 की शीतलहर के दौरान राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने कमजोर वर्गों के लिए राहत उपाय सक्रिय किए। इनमें आश्रय स्थल (रैन बसेरे) स्थापित करना, कंबल वितरण और बेघर तथा बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का समन्वय शामिल था।
शीतलहर रेल और हवाई यातायात को कैसे प्रभावित करती है और IMD की शीतलहर घोषणा के लिए क्या मानदंड हैं?
शीतलहर के साथ घना कोहरा दृश्यता को लगभग शून्य कर देता है, जिससे उड़ानें रद्द होती हैं और ट्रेनें देर से चलती हैं। IMD शीतलहर तब घोषित करता है जब न्यूनतम तापमान 10°C या उससे नीचे हो और उस तिथि व स्थान के सामान्य न्यूनतम तापमान से 4.5°C या अधिक कम हो।
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