9 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता की। स्टार्मर की यह भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी। दोनों नेताओं ने 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षरित भारत-UK मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का स्वागत किया। यह समझौता भारत के 99% निर्यात को UK में शुल्क-मुक्त प्रवेश देता है तथा UK के निर्यात शुल्क में प्रतिवर्ष £40 करोड़ तक की कमी करता है। द्विपक्षीय व्यापार USD 56 अरब का है, जिसे 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य है। दोनों पक्ष एक संयुक्त AI केंद्र और कनेक्टिविटी तथा नवाचार केंद्र स्थापित करने पर सहमत हुए।
भारत-UK मुक्त व्यापार समझौता: 9 अक्टूबर 2025 को PM मोदी एवं स्टार्मर का संयुक्त वक्तव्य
9 अक्टूबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता की। स्टार्मर की यह भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी। दोनों नेताओं ने 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षरित भारत-UK मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का स्वागत किया, जिससे भारत के 99% निर्यात को UK में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलता है तथा UK के निर्यात शुल्क में प्रतिवर्ष £40 करोड़ तक की कमी होती है। द्विपक्षीय व्यापार USD 56 अरब का है, जिसे 2030 तक दोगुना करने का लक्ष्य है। दोनों पक्ष एक संयुक्त AI केंद्र तथा कनेक्टिविटी और इनोवेशन केंद्र स्थापित करने पर सहमत हुए।
मुख्य तथ्य
- PM मोदी और UK PM स्टार्मर ने 9 अक्टूबर 2025 को मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता की।
- 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षरित भारत-UK FTA के तहत भारत के 99% निर्यात को UK में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलता है।
- समझौते के तहत UK के निर्यात शुल्क में प्रतिवर्ष £40 करोड़ तक की कमी होगी।
- द्विपक्षीय व्यापार USD 56 अरब तक पहुंचा है और 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य है।
- संयुक्त AI केंद्र और डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी की घोषणा की गई।
- यह UK PM बनने के बाद स्टार्मर की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा थी।
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भारत-यूके मुक्त व्यापार समझौते के तहत ब्रिटेन को होने वाले भारतीय निर्यात के कितने प्रतिशत हिस्से को शुल्क-मुक्त पहुँच मिलेगी?
एफटीए ब्रिटेन को भारतीय निर्यात के 99% पर शुल्क-मुक्त पहुँच देता है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-UK मुक्त व्यापार समझौते पर कब हस्ताक्षर हुए और इसके प्रमुख प्रावधान क्या थे?
वर्षों की वार्ता के बाद भारत-UK मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर 24 जुलाई 2025 को हस्ताक्षर हुए। FTA के तहत भारत के 99% निर्यात को UK में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा, जबकि UK के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में प्रतिवर्ष £40 करोड़ तक की कमी होगी, जिससे द्विपक्षीय व्यापार को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा।
भारत-UK के बीच वर्तमान द्विपक्षीय व्यापार कितना है और 2030 का लक्ष्य क्या है?
भारत-UK द्विपक्षीय व्यापार USD 56 अरब तक पहुँच चुका है। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है और FTA से शुल्क व गैर-शुल्क बाधाएँ कम होने के कारण इस बढ़ोतरी को मजबूत सहारा मिलने की उम्मीद है।
अक्टूबर 2025 में PM मोदी और PM स्टार्मर की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान किस प्रौद्योगिकी साझेदारी की घोषणा की गई?
9 अक्टूबर 2025 को मुंबई में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान भारत और UK ने एक संयुक्त AI केंद्र तथा डिजिटल एवं प्रौद्योगिकी साझेदारी स्थापित करने की घोषणा की। इन पहलों से उभरती प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने की दोनों देशों की मंशा स्पष्ट होती है।
अक्टूबर 2025 में UK के PM कीर स्टार्मर की भारत यात्रा का क्या महत्व था?
UK PM बनने के बाद PM कीर स्टार्मर की अक्टूबर 2025 की भारत यात्रा उनकी पहली आधिकारिक भारत यात्रा थी। इससे पता चलता है कि दोनों देश द्विपक्षीय संबंधों को कितना महत्व देते हैं। यह यात्रा जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित भारत-UK FTA के बाद की अहम कड़ी थी और इसका उद्देश्य व्यापार समझौते को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में बदलना था।
भारत की व्यापक व्यापार उदारीकरण रणनीति में भारत-UK FTA की क्या भूमिका है?
भारत-UK FTA, UAE, ऑस्ट्रेलिया और EFTA देशों के साथ हुए समझौतों की तरह, भारत की व्यापक व्यापार रणनीति का हिस्सा है। यह दिखाता है कि भारत संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा बनाए रखते हुए द्विपक्षीय मुक्त व्यापार को आगे बढ़ाना चाहता है।
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