भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23–25 दिसंबर 2025 की अवधि के लिए राजस्थान में भीषण शीत लहर की चेतावनी जारी की। इसमें रात के तापमान में सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट का अनुमान जताया गया। पश्चिमी विक्षोभों और हिमालय से आने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण यह शीत लहर चूरू, सीकर, झुंझुनू, बीकानेर और गंगानगर जैसे उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी जिलों में सबसे अधिक असर डालेगी। रबी फसलों, विशेष रूप से सरसों और गेहूँ के लिए पाले से बचाव की सलाह दी गई। राजस्थान सरकार ने SDMA के तहत अपना शीत लहर प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय किया और जिला कलेक्टरों को रात्रि आश्रय, गर्म कपड़े और गरम रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। चूरू में ऐतिहासिक रूप से तापमान –5°C तक दर्ज किया जा चुका है। IMD की मध्यम अवधि के पूर्वानुमान की बेहतर क्षमता ने शीत लहर से होने वाली मृत्यु दर और फसल क्षति को कम करने के लिए समय रहते एहतियाती कार्रवाई संभव बनाई है।
राजस्थान मौसम: 23–25 दिसंबर के लिए भीषण शीत लहर की चेतावनी; कोहरे और पाले को लेकर सलाह, रात का तापमान सामान्य से 2–4°C नीचे जाने का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23–25 दिसंबर 2025 की अवधि के लिए राजस्थान में भीषण शीत लहर की चेतावनी जारी की और रात के तापमान में सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट का पूर्वानुमान जताया। पश्चिमी विक्षोभों और हिमालय से आने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण यह शीत लहर चूरू, सीकर, झुंझुनू, बीकानेर और गंगानगर जैसे उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी जिलों को सबसे अधिक प्रभावित करेगी। रबी फसलों, विशेष रूप से सरसों और गेहूँ के लिए पाले से बचाव की सलाह दी गई। राजस्थान सरकार ने SDMA के तहत अपना शीत लहर प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय किया और जिला कलेक्टरों को रात्रि आश्रय, गर्म कपड़े और गरमाहट की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। चूरू ने ऐतिहासिक रूप से –5°C जितना कम तापमान दर्ज किया है। IMD की मध्यम अवधि के पूर्वानुमान की बेहतर क्षमता से शीत लहर से होने वाली मृत्यु दर और फसल क्षति को कम करने के लिए पहले से बचाव के कदम उठाना संभव हुआ है।
मुख्य तथ्य
- IMD ने 23-25 दिसंबर 2025 के लिए राजस्थान में भीषण शीत लहर की चेतावनी जारी की; तापमान में 2-4°C गिरावट का अनुमान है।
- चूरू, सीकर, झुंझुनू, बीकानेर और गंगानगर में तापमान शून्य के आसपास रहने के साथ सबसे खराब स्थिति की आशंका है।
- पूर्वी राजस्थान में घने कोहरे का पूर्वानुमान है, जिससे सड़क, रेल और हवाई संपर्क प्रभावित होगा।
- IMD ने किसानों को रबी फसलों — विशेष रूप से सरसों और गेहूँ — को पाले से बचाने की सलाह दी।
- राजस्थान ने राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तहत शीत लहर से निपटने का प्रोटोकॉल सक्रिय किया।
- चूरू में सर्दियों में पहले -5°C तक तापमान दर्ज हो चुका है।
PYQप्रीलिम्स/PYQ दृष्टिकोण
- RAS 2023 निम्नलिखित में से किन्हीं दो पर संक्षिप्त टिप्पणियाँ लिखिए: (a) भारतीय मानसून पर एल-नीनो का प्रभाव (b) भारतीय मानसून और तिब्बत का पठार (c) भारत में पश्चिमी विक्षोभ — दोनों पश्चिमी विक्षोभों को उत्तर-पश्चिम भारत में शीत-लहर घटनाओं के प्रमुख चालक के रूप में जांचते हैं।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: दिसंबर 2025 की IMD गंभीर शीत-लहर चेतावनी के संदर्भ में राजस्थान में शीत-लहर घटनाओं के कारण, प्रभाव एवं राज्य-स्तरीय प्रतिक्रिया तंत्रों की चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
IMD ने 23-25 दिसंबर 2025 के लिए राजस्थान में गंभीर शीत-लहर चेतावनी जारी की। पश्चिमी विक्षोभों के कारण रात्रि तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री सेल्सियस नीचे रहने का अनुमान लगाया गया। चूरू, सीकर, झुंझुनू, बीकानेर, गंगानगर सर्वाधिक प्रभावित रहे। एसडीएमए ने शीत-लहर प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय किया, रात्रि आश्रय, गर्म कपड़े, रबी-फसल पाला सलाह निर्देशित की।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
IMD ने 23–25 दिसंबर 2025 के लिए राजस्थान में क्या अलर्ट जारी किया और तापमान में कितनी गिरावट का पूर्वानुमान था?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 23–25 दिसंबर 2025 के लिए राजस्थान में भीषण शीत लहर की चेतावनी जारी की और रात के तापमान में सामान्य से 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिरावट का पूर्वानुमान जताया। पश्चिमी विक्षोभ और हिमालय से आने वाली ठंडी उत्तर-पश्चिमी हवाएँ इसके प्रमुख कारण थे।
दिसंबर 2025 की शीत लहर में राजस्थान के किन जिलों में सबसे खराब स्थिति की आशंका थी?
उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी जिलों चूरू, सीकर, झुंझुनू, बीकानेर और गंगानगर में लगभग शून्य तापमान के साथ सबसे बुरी स्थिति का पूर्वानुमान था। चूरू में ऐतिहासिक रूप से सर्दियों में -5°C तक तापमान दर्ज किया गया है, इसलिए यह भारत के सबसे ठंडे गैर-हिमालयी नगरों में से एक माना जाता है।
दिसंबर 2025 की शीत लहर चेतावनी में IMD ने रबी फसल उगाने वाले किसानों के लिए क्या सलाह दी?
IMD ने किसानों को शीत लहर के दौरान रबी फसलों, विशेष रूप से सरसों और गेहूँ, को पाले से बचाने की सलाह दी। पाला फूल आने और दाना भरने की अवस्था में खड़ी फसलों को गंभीर नुकसान पहुँचा सकता है, इसलिए किसानों को पाले का खतरा घटाने के लिए हल्की सिंचाई जैसे सुरक्षात्मक उपाय अपनाने की सलाह दी गई।
दिसंबर 2025 की चेतावनी के दौरान राजस्थान ने SDMA के तहत शीत लहर से निपटने के लिए कौन-सा प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय किया?
राजस्थान ने दिसंबर 2025 की शीत लहर के दौरान कमजोर वर्ग की सुरक्षा के लिए राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के तहत शीत लहर प्रतिक्रिया प्रोटोकॉल सक्रिय किया। इस प्रोटोकॉल में बेघर लोगों के लिए आश्रय खोलना, कंबल की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जिला प्रशासन को सतर्क करना शामिल है।
दिसंबर 2025 की शीत लहर के दौरान पूर्वी राजस्थान में घने कोहरे का क्या प्रभाव पड़ा?
23–25 दिसंबर 2025 के दौरान पूर्वी राजस्थान में घने कोहरे का पूर्वानुमान था, जिससे क्षेत्र में सड़क, रेल और हवाई संपर्क प्रभावित हो सकता था। कोहरे से पैदा होने वाली बाधाएँ इस क्षेत्र की सामान्य शीतकालीन समस्या हैं; इससे अक्सर ट्रेन सेवाओं में देरी होती है और राजमार्गों पर दृश्यता कम हो जाती है।
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