प्रकाशित: 7 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतविज्ञान-प्रौद्योगिकी
भारत ने 23 देशों के साथ DPI समझौते किए; इंडिया स्टैक कूटनीति के तहत 8 देशों में UPI चालू
6 फरवरी 2026 को संसद में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि भारत ने अपने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) और इंडिया स्टैक घटकों को साझा करने तथा बढ़ावा देने के लिए 23 देशों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) या सहयोग समझौते किए हैं। भागीदार देशों में अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, कैरेबियन, एशिया-प्रशांत और दक्षिण एशिया के देश शामिल हैं, जैसे केन्या, तंजानिया, इथियोपिया, सिएरा लियोन, क्यूबा, कोलंबिया, ब्राजील, श्रीलंका, मालदीव, फिजी और मंगोलिया।
India Stack में आधार-आधारित डिजिटल पहचान, भुगतान के लिए UPI, दस्तावेज प्रबंधन के लिए डिजीलॉकर और खुले वाणिज्य के लिए ONDC शामिल हैं। UPI अब 8 से अधिक देशों में चल रहा है: UAE, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर। यह DPI कूटनीति भारत को डिजिटल शासन समाधानों के निर्यात में वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करती है और विकासशील देशों में भारत की सॉफ्ट पावर बढ़ाती है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 23 देशों के साथ हाल के समझौता ज्ञापनों और आठ देशों में यूपीआई के चालू होने से भारत की डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा कूटनीति का विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने 6 फरवरी 2026 को संसद में बताया कि 23 देशों के साथ आधार, यूपीआई, डिजीलॉकर और ओएनडीसी को शामिल करने वाले समझौते हुए। यूपीआई आठ देशों—यूएई, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस, क़तर—में चालू है। डिजीलॉकर समझौते क्यूबा, केन्या, यूएई तथा लाओ के साथ हैं; इससे भारत की डिजिटल साख और प्रभाव बढ़ता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने कितने देशों के साथ डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) MoU किए हैं और इसकी घोषणा कब हुई?
भारत ने आधार, UPI, DigiLocker और ONDC जैसे प्लेटफ़ॉर्मों को शामिल करते हुए 23 देशों के साथ DPI MoU किए। इसकी घोषणा 6 फरवरी 2026 को हुई, जिससे भारत DPI निर्यात में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित हुआ।
India Stack कूटनीति के तहत UPI अभी कितने देशों में लाइव और चालू है?
India Stack कूटनीति के तहत UPI अभी 8 देशों में लाइव और चालू है। यह साझेदार देशों तक भारत के डिजिटल भुगतान बुनियादी ढाँचे को पहुँचाने की भारत की पहल को दर्शाता है।
India Stack के चार मुख्य स्तंभ कौन-से हैं और प्रत्येक क्या दर्शाता है?
India Stack में चार मुख्य स्तंभ हैं: आधार (डिजिटल पहचान), UPI (भुगतान), DigiLocker (दस्तावेज़ों का भंडारण और सत्यापन) और ONDC (ओपन कॉमर्स नेटवर्क)। मिलकर ये ऐसा डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढाँचा बनाते हैं जिसके अलग-अलग घटक आपस में जुड़कर काम कर सकते हैं और जिसे भारत वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे रहा है।
DPI कूटनीति का भारत की G20 विरासत से क्या संबंध है?
2023 में भारत की G20 अध्यक्षता के दौरान डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक विकास में मददगार साधन के रूप में प्रस्तुत किया गया था। 23 देशों के साथ DPI MoU इस पहल को आगे बढ़ाते हैं और विकासशील देशों के लिए खुले, अंतर-संचालनीय डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र को एक मॉडल के रूप में प्रोत्साहित करते हैं।
भारत का DPI मॉडल विकासशील देशों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत का DPI मॉडल दिखाता है कि कम लागत वाला, ओपन-सोर्स डिजिटल बुनियादी ढाँचा वित्तीय समावेशन, शासन और वाणिज्य को बड़े पैमाने पर कैसे बढ़ावा दे सकता है। यह उन विकासशील देशों के लिए अपनाया जा सकने वाला खाका है जो किसी विक्रेता पर निर्भर हुए बिना अपनी संप्रभु डिजिटल सार्वजनिक प्रणाली बनाना चाहते हैं।