प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 17वें सिविल सेवा दिवस पर देश के लोक सेवकों को संबोधित किया तथा लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए। यह दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल के 1947 के उस ऐतिहासिक संबोधन की स्मृति में मनाया जाता है, जो उन्होंने मेटकाफ हाउस में दिया था और जिसमें उन्होंने लोक सेवा को स्वतंत्र भारत का इस्पात ढाँचा बताया था। वर्ष 2026 की विषय-वस्तु है "विकसित भारत: नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास"। तीन श्रेणियों — जिलों का समग्र विकास, आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम तथा नवाचार श्रेणी — में 1,588 नामांकनों में से कुल 14 पुरस्कार विजेता चुने गए। प्रत्येक विजेता को एक ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र तथा अपने जिलों एवं प्रखंडों में आगे की लोक-कल्याण पहलों को बढ़ावा देने के लिए ₹20 लाख की राशि प्रदान की गई। समारोह से पहले प्रधानमंत्री ने देश भर के 1.6 करोड़ से अधिक लोक सेवकों को पत्र लिखकर मिशन कर्मयोगी क्षमता-निर्माण सुधार के अंतर्गत निरंतर सीखने की उनकी प्रतिबद्धता को मान्यता दी, तथा पिछले सप्ताह में चार या अधिक घंटे का अध्ययन पूरा करने वाले 33.4 लाख लोक सेवकों को प्रशंसा-पत्र जारी किए। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य भाषण दिया तथा भारत के प्रशासनिक ढाँचे को सुदृढ़ करने में सत्यनिष्ठा, जवाबदेही एवं नागरिक-केंद्रित शासन के महत्व को रेखांकित किया। कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के अंतर्गत प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग इस दिवस का आयोजन करता है, और 2026 का आयोजन वर्ष 2006 से इसके औपचारिक आयोजन का 20वाँ वर्ष है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 21 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन में 17वें सिविल सेवा दिवस पर लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए; 1,588 नामांकनों में से 14 पुरस्कार विजेता चुने गए
21 अप्रैल 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विज्ञान भवन में 17वें सिविल सेवा दिवस के दौरान 1,588 नामांकनों में से चयनित 14 विजेताओं को लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए। 2026 का विषय है "विकसित भारत: नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास"। प्रत्येक विजेता को लोक-कल्याण कार्य के लिए ₹20 लाख की राशि प्रदान की गई।
मुख्य तथ्य
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 21 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में 17वें सिविल सेवा दिवस को संबोधित किया तथा लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार प्रदान किए।
- सिविल सेवा दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल के 1947 के मेटकाफ हाउस संबोधन की स्मृति में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने लोक सेवा को स्वतंत्र भारत का इस्पात ढाँचा कहा था।
- 2026 की विषय-वस्तु है 'विकसित भारत: नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास'।
- तीन श्रेणियों — जिलों का समग्र विकास, आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम तथा नवाचार श्रेणी — में 1,588 नामांकनों में से 14 पुरस्कार विजेता चुने गए।
- प्रत्येक विजेता को एक ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र तथा जिलों और प्रखंडों में आगे की लोक-कल्याण पहलों के लिए ₹20 लाख की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
- प्रधानमंत्री ने 1.6 करोड़ से अधिक लोक सेवकों को पत्र लिखे तथा मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत पिछले सप्ताह चार या अधिक घंटे का अध्ययन पूर्ण करने वाले 33.4 लाख लोक सेवकों को प्रशंसा-पत्र जारी किए।
- उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि थे और उन्होंने मुख्य भाषण दिया; प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग इस आयोजन का संचालन करता है, और 2026 का आयोजन 2006 से इसके औपचारिक उत्सव का 20वाँ वर्ष चिह्नित करता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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21 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन में मनाए गए 18वें सिविल सेवा दिवस की विषय-वस्तु क्या थी?
सिविल सेवा दिवस 2026 का आधिकारिक विषय 'विकसित भारत: नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास' था। इसमें विकसित भारत 2047 की दृष्टि के अनुरूप समावेशी वृद्धि, कुशल लोक सेवा वितरण और सरकारी योजनाओं की संतृप्ति पर ज़ोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने 21 अप्रैल 2026 को इसी विषय के अंतर्गत पुरस्कार प्रदान किए।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत में सिविल सेवा दिवस किस तिथि को मनाया जाता है और क्यों?
सिविल सेवा दिवस प्रत्येक वर्ष 21 अप्रैल को मनाया जाता है। यह सरदार वल्लभभाई पटेल के 1947 के उस संबोधन की स्मृति में है जो उन्होंने दिल्ली के मेटकाफ हाउस में नवगठित भारतीय प्रशासनिक सेवा के पहले प्रशिक्षु बैच को दिया था, जिसमें उन्होंने लोक सेवा को स्वतंत्र भारत का इस्पात ढाँचा बताया था। 2026 का आयोजन 21 अप्रैल 2026 को विज्ञान भवन में हुआ।
सिविल सेवा दिवस 2026 की विषय-वस्तु क्या थी?
सिविल सेवा दिवस 2026 की विषय-वस्तु थी 'विकसित भारत: नागरिक-केंद्रित शासन और अंतिम छोर तक विकास', जो विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप समावेशी विकास, कुशल लोक सेवा वितरण तथा सरकारी योजनाओं की संतृप्ति पर ज़ोर देती है।
2026 में लोक प्रशासन में उत्कृष्टता के लिए प्रधानमंत्री पुरस्कार कितने विजेताओं को मिले?
तीन श्रेणियों — जिलों का समग्र विकास, आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम तथा नवाचार श्रेणी — में 1,588 नामांकनों में से कुल 14 पुरस्कार विजेता चुने गए। प्रत्येक विजेता को ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र तथा लोक-कल्याण कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए ₹20 लाख की प्रोत्साहन राशि दी गई।
21 अप्रैल 2026 को मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत प्रधानमंत्री मोदी ने लोक सेवकों को किस क्षमता-निर्माण कार्यक्रम के लिए सम्मानित किया?
प्रधानमंत्री ने 1.6 करोड़ से अधिक लोक सेवकों को पत्र लिखे और पिछले सप्ताह चार या अधिक घंटे का अध्ययन पूरा करने वाले 33.4 लाख लोक सेवकों को प्रशंसा-पत्र जारी किए। यह मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत किया गया; मिशन कर्मयोगी सरकार का क्षमता-निर्माण सुधार है, जिसका उद्देश्य निरंतर सीखने को प्रशासनिक दक्षता का आधार बनाना है।
सिविल सेवा दिवस 2026 के मुख्य अतिथि कौन थे?
भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन सिविल सेवा दिवस 2026 के मुख्य अतिथि थे और उन्होंने मुख्य भाषण दिया, जिसमें उन्होंने भारत के प्रशासनिक ढाँचे को सुदृढ़ करने में सत्यनिष्ठा, जवाबदेही तथा नागरिक-केंद्रित शासन के महत्व को रेखांकित किया।
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