जयपुर स्थित राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड (RVCF), जो दो दशकों से अधिक पुरानी सरकार समर्थित उद्यम पूंजी संस्था है, ने दिसंबर 2025 के मध्य में अपना चौथा फंड — इंडिया ग्रोथ फंड IV — शुरू किया। इसकी प्रारंभिक निधि ₹150 करोड़ है और ₹100 करोड़ के ग्रीन शू ऑप्शन के साथ कुल संभावित आकार ₹250 करोड़ हो सकता है। यह फंड प्री-सीरीज A और सीरीज A चरण के तकनीक-आधारित स्टार्टअप में निवेश करेगा, जिनके पास विस्तार की क्षमता वाला कारोबारी मॉडल और रोजगार सृजन की संभावना हो। प्राथमिक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, एग्रीटेक, क्लीनटेक और डिजिटल बदलाव शामिल हैं। RVCF ने अब तक 44 निवेश किए हैं, जिनसे 1 करोड़ से अधिक ग्राहक लाभान्वित हुए, 10,000 से अधिक नौकरियाँ सृजित हुईं और ₹200 करोड़ के करीब कर राजस्व उत्पन्न हुआ। यह फंड राजस्थान में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और स्टार्टअप आधारित आर्थिक वृद्धि के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड ने प्री-सीरीज A तकनीकी स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए ₹150 करोड़ का 'इंडिया ग्रोथ फंड IV' शुरू किया
जयपुर स्थित राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड (RVCF), जो दो दशकों से अधिक पुरानी सरकार समर्थित उद्यम पूंजी संस्था है, ने दिसंबर 2025 के मध्य में अपना चौथा फंड — इंडिया ग्रोथ फंड IV — लॉन्च किया। इसकी प्रारंभिक निधि ₹150 करोड़ है और ₹100 करोड़ के ग्रीन शू ऑप्शन के साथ कुल संभावित आकार ₹250 करोड़ हो सकता है। यह फंड प्री-सीरीज A और सीरीज A चरण के तकनीक-आधारित स्टार्टअप में निवेश करेगा, जिनके पास विस्तार योग्य व्यापार मॉडल और रोजगार सृजन की क्षमता हो। प्राथमिक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, एग्रीटेक, क्लीनटेक और डिजिटल परिवर्तन शामिल हैं। RVCF ने अब तक 44 निवेश किए हैं, जिनसे 1 करोड़ से अधिक ग्राहक लाभान्वित हुए, 10,000 से अधिक नौकरियाँ सृजित हुईं और ₹200 करोड़ के करीब कर राजस्व उत्पन्न हुआ। यह फंड राजस्थान में नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और स्टार्टअप आधारित आर्थिक वृद्धि के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड ने दिसंबर 2025 के मध्य में 150 करोड़ के कोष से इंडिया ग्रोथ फंड IV शुरू किया।
- यह फंड प्री-सीरीज A और सीरीज A चरण के तकनीक-आधारित स्टार्टअप पर केंद्रित है।
- प्रमुख क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, एग्रीटेक, क्लीनटेक और डिजिटल परिवर्तन शामिल हैं।
- RVCF ने अब तक 44 निवेश किए हैं, जिनसे पहली पीढ़ी के उद्यमियों और MSME को बढ़ावा मिलता है।
- RVCF से समर्थन प्राप्त स्टार्टअप ने 1 करोड़ ग्राहकों को सेवा दी है और 10,000 से अधिक नौकरियाँ पैदा की हैं।
- यह फंड जयपुर को भारत में उभरते टियर-2 स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने में मदद करता है।
6-अक्ष वर्गीकरण
यह टॉपिक में दिखता है
अभ्यास प्रश्न MCQ
हल करेंनीचे विकल्प चुनें। सही या गलत संकेत तुरंत दिखेगा।
राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड के इंडिया ग्रोथ फंड IV के बारे में कौन-सा कथन सही है?
इंडिया ग्रोथ फंड IV राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड का चौथा फंड है। रिपोर्टों के अनुसार इसका आकार ₹150 करोड़ है और अतिरिक्त ग्रीन-शू विकल्प भी है। इसका लक्ष्य तकनीक, हेल्थकेयर, एग्रीटेक, क्लीनटेक और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में शुरुआती चरण के स्केलेबल स्टार्टअप को पूंजी और मार्गदर्शन देना है।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
इंडिया ग्रोथ फंड IV क्या है और इसका कोष कितना है?
इंडिया ग्रोथ फंड IV राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड (RVCF) द्वारा लॉन्च किया गया चौथा फंड है, जिसकी प्रारंभिक निधि ₹150 करोड़ है। ₹100 करोड़ के ग्रीन शू ऑप्शन के साथ फंड का कुल संभावित आकार ₹250 करोड़ हो सकता है।
इंडिया ग्रोथ फंड IV किस चरण के स्टार्टअप के लिए है और इसके प्राथमिक क्षेत्र कौन से हैं?
यह फंड प्री-सीरीज A और सीरीज A चरण के प्रौद्योगिकी-आधारित स्टार्टअप के लिए है। इसके प्राथमिक क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा, एग्रीटेक, क्लीनटेक और डिजिटल परिवर्तन शामिल हैं।
RVCF के पिछले निवेशों का क्या प्रभाव रहा है?
RVCF ने अब तक 44 निवेश किए हैं। जिन स्टार्टअप को RVCF से समर्थन मिला, उन्होंने 1 करोड़ ग्राहकों की सेवा की है और 10,000 से अधिक नौकरियाँ सृजित की हैं। फंड ने प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों और MSME को समर्थन देने पर ध्यान केंद्रित किया है।
राजस्थान के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के लिए RVCF का क्या महत्व है?
RVCF दो दशकों से अधिक पुरानी सरकार समर्थित उद्यम पूंजी संस्था है, जो भारत के सबसे पुराने राज्य-स्तरीय VC फंड में से एक है। इंडिया ग्रोथ फंड IV से जयपुर को उभरते टियर-2 स्टार्टअप हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
वेंचर कैपिटल फंड के संदर्भ में ग्रीन शू ऑप्शन क्या है?
ग्रीन शू ऑप्शन (जिसे ओवरऑलॉटमेंट ऑप्शन भी कहते हैं) किसी फंड को निवेशकों की मजबूत माँग होने पर अपने प्रारंभिक लक्ष्य से अधिक पूंजी जुटाने की अनुमति देता है। इंडिया ग्रोथ फंड IV के मामले में ₹100 करोड़ का ग्रीन शू ऑप्शन कुल फंड आकार को ₹150 करोड़ से बढ़ाकर ₹250 करोड़ कर सकता है।
क्या यह उपयोगी था?
सुधार या छूटा परीक्षा दृष्टिकोण संपादकीय टीम को भेजें।
प्रतिक्रिया भेजें