यूरोपीय संघ और भारत ने 27 जनवरी 2026 को संयुक्त यूरोपीय संघ-भारत व्यापक रणनीतिक एजेंडा अपनाया, जो यूरोपीय संघ के 2025 के नए रणनीतिक एजेंडा पर आधारित है। यह एजेंडा समृद्धि और स्थिरता, प्रौद्योगिकी और नवाचार, सुरक्षा और रक्षा, कनेक्टिविटी, वैश्विक मुद्दों तथा जन-से-जन सहयोग की दिशा तय करता है।

कार्बन सीमा तंत्र पर यूरोपीय आयोग की आधिकारिक सामग्री में भारत के साथ तकनीकी संवाद, कार्बन ट्रेडिंग बाजारों और मूल्य निर्धारण प्रणालियों पर गहन चर्चा तथा संक्रमण अवधि के दौरान संवाद का उल्लेख है। इसमें भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना को यूरोपीय संघ के कार्बन सीमा समायोजन तंत्र से औपचारिक रूप से जोड़ने या भारतीय निर्यातकों को कार्बन लागत से छूट देने वाले किसी समझौते की पुष्टि नहीं है। भारत की कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग योजना ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) अधिनियम, 2022 के तहत शुरू की गई थी।