6 दिसंबर 2025 को भारत ने डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का 70वाँ महापरिनिर्वाण दिवस मनाया — 6 दिसंबर 1956 को उनके निधन के 69 वर्ष पूरे हुए। डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (DAF) ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत नई दिल्ली स्थित प्रेरणा स्थल, संसद भवन परिसर में स्मरण समारोह आयोजित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद भवन लॉन में बाबासाहेब की पूर्णाकार प्रतिमा पर आयोजित उच्चस्तरीय पुष्पांजलि समारोह में नेतृत्व किया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, विपक्ष के नेता और कई संवैधानिक पदाधिकारी एवं केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित रहे। पूरा आयोजन जनता के लिए खुला था। देशभर में लाखों दलितों, बौद्धों और नागरिकों ने मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि — जहाँ अंबेडकर का अंतिम संस्कार हुआ था — के साथ नागपुर, लखनऊ, जयपुर और हैदराबाद में श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने अंबेडकर को 'आधुनिक भारत के संवैधानिक और सामाजिक न्याय ढाँचे के वास्तुकार' बताया। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अनुसूचित जाति समुदायों के प्रमुख नेताओं ने राज्यभर में अंबेडकर प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने जयपुर में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। अंबेडकर का वर्तमान मध्यप्रदेश (राजस्थान की सीमा से लगे) के महू छावनी में 1891 में जन्म हुआ था और राजस्थान के मेघवाल, बैरवा, चमार तथा अन्य अनुसूचित जाति समुदायों के बीच उनके कार्य का गहरा प्रभाव था।
6 दिसंबर 2025 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर का 70वाँ महापरिनिर्वाण दिवस राष्ट्रव्यापी मनाया गया: राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने संसद भवन में पुष्पांजलि अर्पित की
6 दिसंबर 2025 को भारत ने डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर का 70वाँ महापरिनिर्वाण दिवस मनाया — 6 दिसंबर 1956 को उनके निधन के 69 वर्ष पूरे हुए। डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (DAF) ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत नई दिल्ली स्थित प्रेरणा स्थल, संसद भवन परिसर में स्मरण समारोह आयोजित किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद भवन लॉन में बाबासाहेब की पूर्णाकार प्रतिमा पर उच्चस्तरीय पुष्पांजलि समारोह का नेतृत्व किया। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, विपक्ष के नेता और कई संवैधानिक पदाधिकारी एवं केंद्रीय मंत्री भी उपस्थित रहे। पूरा आयोजन जनता के लिए खुला था। देशभर में लाखों दलितों, बौद्धों और नागरिकों ने मुंबई के दादर स्थित चैत्यभूमि — जहाँ अंबेडकर का अंतिम संस्कार हुआ था — के साथ-साथ नागपुर, लखनऊ, जयपुर और हैदराबाद में श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री मोदी ने अंबेडकर को 'आधुनिक भारत के संवैधानिक और सामाजिक न्याय ढाँचे के वास्तुकार' बताया। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और अनुसूचित जाति समुदायों के प्रमुख नेताओं ने राज्यभर में अंबेडकर प्रतिमाओं पर श्रद्धांजलि अर्पित की। राजस्थान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने जयपुर में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया। अंबेडकर का जन्म 1891 में वर्तमान मध्यप्रदेश में राजस्थान की सीमा से लगी महू छावनी में हुआ था और राजस्थान के मेघवाल, बैरवा, चमार तथा अन्य अनुसूचित जाति समुदायों के बीच उनके कार्य का गहरा संबंध था।
मुख्य तथ्य
- भारत ने 6 दिसंबर 2025 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर का 70वाँ महापरिनिर्वाण दिवस मनाया।
- राष्ट्रपति मुर्मू ने संसद भवन परिसर में अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की।
- PM मोदी, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समारोह में शामिल हुए।
- लाखों लोग मुंबई के दादर में चैत्यभूमि पर एकत्रित हुए जहाँ अंबेडकर का अंतिम संस्कार हुआ था।
- PM मोदी ने अंबेडकर को 'आधुनिक भारत के संवैधानिक और सामाजिक न्याय ढाँचे के वास्तुकार' कहा।
- यह अवसर संवैधानिक व्याख्या और जाति गणना पर राष्ट्रीय बहसों के समय आया।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 70वें महापरिनिर्वाण दिवस के आलोक में डॉ. अंबेडकर की विरासत का ऐतिहासिक-संवैधानिक महत्व बताइए।
उत्तर (50 शब्द):
भारत ने 6 दिसंबर 2025 को डॉ. बी.आर. अंबेडकर का 70वाँ महापरिनिर्वाण दिवस मनाया, 1956 में हुए निधन के 69 वर्ष बाद। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद प्रेरणा स्थल पर पुष्पांजलि दी; उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री मोदी भी उपस्थित रहे। नागरिक मुंबई की चैत्यभूमि पर एकत्र हुए। राजस्थान में मेघवाल, बैरवा और चमार समुदायों ने भजनलाल शर्मा सरकार के तहत यह दिवस मनाया।
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महापरिनिर्वाण दिवस किस नेता को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से मनाया जाता है?
महापरिनिर्वाण दिवस 6 दिसंबर को डॉ. बी.आर. अंबेडकर की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है।
स्रोत: PIB / DD News on Air / NewsonAir / Organiser / PIB X (Twitter) @PIB_India
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
महापरिनिर्वाण दिवस क्या है और यह कब मनाया जाता है?
महापरिनिर्वाण दिवस प्रतिवर्ष 6 दिसंबर को डॉ. बी.आर. अंबेडकर की पुण्यतिथि के रूप में मनाया जाता है, जिनका निधन 6 दिसंबर 1956 को हुआ था। 2025 में भारत ने उनका 70वाँ महापरिनिर्वाण दिवस मनाया।
राष्ट्रीय स्तर पर महापरिनिर्वाण दिवस समारोह कौन सा संगठन आयोजित करता है और यह किस मंत्रालय के अंतर्गत आता है?
डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन (DAF) महापरिनिर्वाण दिवस का राष्ट्रीय समारोह आयोजित करता है। यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। 2025 का कार्यक्रम प्रेरणा स्थल, संसद भवन परिसर, नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
चैत्यभूमि कहाँ स्थित है और महापरिनिर्वाण दिवस के लिए इसका क्या महत्व है?
चैत्यभूमि मुंबई के दादर में स्थित है। यह डॉ. बी.आर. अंबेडकर का अंतिम संस्कार स्थल है और उनके अनुयायियों के लिए प्रमुख तीर्थस्थल है। महापरिनिर्वाण दिवस पर लाखों लोग यहाँ श्रद्धांजलि देने आते हैं।
70वें महापरिनिर्वाण दिवस पर PM मोदी ने डॉ. बी.आर. अंबेडकर की भूमिका को कैसे बताया?
PM मोदी ने डॉ. अंबेडकर को 'आधुनिक भारत के संवैधानिक और सामाजिक न्याय ढाँचे के वास्तुकार' बताया। यह श्रद्धांजलि संसद भवन परिसर में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में दी गई।
2025 में 70वें महापरिनिर्वाण दिवस के साथ कौन सी राष्ट्रीय बहसें जुड़ी रहीं?
70वें महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर संवैधानिक व्याख्या और जाति गणना पर राष्ट्रीय बहसें जोर पकड़ती रहीं। इन चर्चाओं ने भारत के सामाजिक न्याय विमर्श में अंबेडकर की स्थायी प्रासंगिकता को रेखांकित किया।
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