2–3 फरवरी 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐतिहासिक भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा की, जिसके तहत भारतीय वस्तुओं पर प्रभावी अमेरिकी शुल्क 50% से घटाकर 18% कर दिया गया। पहले 50% शुल्क में 25% पारस्परिक शुल्क और 25% अतिरिक्त दंडात्मक शुल्क (रूसी तेल खरीद पर) शामिल था। समझौते में दोनों दंडात्मक शुल्क हटाकर 18% की एकल पारस्परिक दर लागू की गई।

समझौते की मुख्य प्रतिबद्धताओं में भारत द्वारा पांच वर्षों में अमेरिकी उत्पादों — ऊर्जा, विमान, प्रौद्योगिकी और कोकिंग कोल — की $500 अरब की खरीद, सभी अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं तथा कई अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों पर शुल्क में कटौती, ICT उत्पादों और चिकित्सा उपकरणों पर आयात लाइसेंसिंग से जुड़ी बाधाओं को समाप्त करना और द्विपक्षीय डिजिटल व्यापार नियम बनाना शामिल है।

3 फरवरी को घोषणा के बाद भारतीय बाजारों में ऐतिहासिक तेजी आई: सेंसेक्स 4,205 अंक (5.14%) बढ़कर 85,871 पर और निफ्टी 50, 1,252 अंक (4.99%) बढ़कर 26,341 पर पहुंचा। रुपया 1.4% मजबूत होकर ₹90.27 प्रति डॉलर हुआ — दिसंबर 2018 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी बढ़त।

राजस्थान संदर्भ: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह समझौता राज्य के वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्रों को सर्वाधिक लाभ देगा। भारत का 18% शुल्क अब बांग्लादेश (20%), वियतनाम (20%), चीन (30%) और पाकिस्तान (19%) से कम है। राजस्थान के भीलवाड़ा, पाली, बालोतरा और जयपुर के वस्त्र उद्योग को अमेरिका के $118 अरब के वस्त्र आयात बाजार में बड़ा अवसर मिलेगा।