प्रकाशित: 21 नवंबर 2025PIBशासन
CAG ने MSME व्यवसाय सुगमता पर अखिल भारतीय ऑडिट शुरू किया
भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) के लिए व्यापार सुगमता पर केंद्रित एक ऐतिहासिक अखिल भारतीय क्षैतिज ऑडिट शुरू किया है। यह पारंपरिक ऊर्ध्वाधर ऑडिट पद्धति से हटकर क्षैतिज ऑडिट मॉडल की ओर बड़ा बदलाव है, जिसमें एक साथ कई विभाग और सरकारी स्तर ऑडिट के दायरे में आते हैं।
यह ऑडिट सभी 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह परखना है कि सरकारी प्रणालियाँ MSME क्षेत्र की कितनी प्रभावी मदद कर रही हैं। यह क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, GDP में 31% से अधिक योगदान देता है और लगभग 32.8 करोड़ लोगों की आजीविका का आधार है। ऑडिट के केंद्र में तीन प्रमुख विषयगत क्षेत्र हैं: MSMEs के लिए R&D पारिस्थितिकी तंत्र सहायता, श्रम कानूनों का अनुपालन, और छोटे व्यवसायों के सामने जलवायु संबंधी नियामक चुनौतियाँ।
क्षैतिज ऑडिट पद्धति नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है। इसका अर्थ है कि इसमें सरकारी प्रदर्शन का मूल्यांकन विभागीय अनुपालन के बजाय उद्यम-स्वामी या नागरिक के नजरिए से किया जाता है। इससे लेखापरीक्षकों को उन प्रणालीगत कमियों, दोहरावों और बाधाओं की पहचान करने में मदद मिलती है जो कई विभागों में फैली होती हैं।
अंतिम ऑडिट रिपोर्ट 2026 के शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है। CAG का प्रदर्शन और नागरिक-केंद्रित ऑडिट की ओर यह कदम भारत में सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन जवाबदेही के नए दौर की शुरुआत करता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
MSMEs के लिए CAG क्षैतिज ऑडिट क्या है?
CAG ने सभी 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में MSMEs के लिए व्यापार सुगमता का आकलन करने के लिए अखिल भारतीय क्षैतिज ऑडिट शुरू किया, जिसमें R&D, श्रम अनुपालन और जलवायु से जुड़े नियामकीय मुद्दों की एक साथ जांच की जाती है।
क्षैतिज ऑडिट को ऊर्ध्वाधर ऑडिट से क्या अलग करता है?
ऊर्ध्वाधर ऑडिट किसी एक मंत्रालय या विभाग की जांच करता है, जबकि क्षैतिज ऑडिट एक साथ कई विभागों और सरकारी स्तरों को शामिल करता है और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण से व्यवस्था की कमियों की पहचान करता है।
CAG MSME ऑडिट के तीन मुख्य विषय कौन से हैं?
तीन विषय हैं: (1) MSMEs के लिए R&D पारिस्थितिकी तंत्र को समर्थन, (2) श्रम कानून अनुपालन, और (3) छोटे व्यवसायों के लिए जलवायु संबंधी नियामक चुनौतियाँ।
CAG MSME ऑडिट रिपोर्ट कब पेश होगी?
रिपोर्ट 2026 के शीतकालीन सत्र में संसद में पेश होने की उम्मीद है।
भारत के MSME क्षेत्र के लिए यह ऑडिट क्यों महत्वपूर्ण है?
MSME GDP में 31% से अधिक योगदान देते हैं और लगभग 32.8 करोड़ लोगों की आजीविका को सहारा देते हैं। विभागों में मौजूद प्रणालीगत नियामक बाधाओं की पहचान से बड़े नीतिगत सुधारों की संभावना है।