प्रकाशित: 8 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौता: पारस्परिक शुल्क 18% तक घटा, भारत ने $500 अरब की ऊर्जा खरीद का संकल्प लिया
6–7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते का ढांचा घोषित किया और व्हाइट हाउस का संयुक्त वक्तव्य भी जारी हुआ। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर 18% का एकीकृत पारस्परिक शुल्क लगाएगा — यह पहले 50% तक पहुंचने वाली संयुक्त दर से काफी कम है — जिनमें कपड़ा, चमड़ा, कार्बनिक रसायन, घरेलू सजावट और कुछ मशीनरी शामिल हैं। जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न-आभूषण, विमान पुर्जे, स्मार्टफोन, चाय, कॉफी और चुनिंदा कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क लागू होगा।
इसके बदले भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम करेगा तथा अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों और IT वस्तुओं पर गैर-शुल्क बाधाएं हटाएगा। भारत ने पांच वर्षों में $500 अरब के अमेरिकी ऊर्जा, विमान, प्रौद्योगिकी और कोकिंग कोल खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।
यह समझौता राजस्थान के हस्तशिल्प और वस्त्र निर्यातकों — विशेष रूप से जोधपुर फर्नीचर क्लस्टर और जयपुर रत्न उद्योग — के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि नए ढांचे के तहत इन्हें शून्य या कम अमेरिकी शुल्क का लाभ मिलेगा।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: फरवरी 2026 के भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के व्यापार एवं रणनीतिक निहितार्थों का, राजस्थान के निर्यात क्षेत्रों सहित, विश्लेषण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
6-7 फरवरी 2026 को घोषित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे में भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी पारस्परिक शुल्क 50% से घटाकर 18% किया गया है; दवाइयों, रत्न-हीरे और विमान पुर्जों पर शून्य शुल्क है। भारत पांच वर्षों में 500 अरब डॉलर की अमेरिकी ऊर्जा-प्रौद्योगिकी खरीद के लिए प्रतिबद्ध है। राजस्थान के जयपुर रत्न और जोधपुर फर्नीचर क्लस्टरों को तरजीही पहुँच मिलेगी।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
फरवरी 2026 में घोषित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते की मुख्य शर्तें क्या थीं?
6-7 फरवरी 2026 को घोषित भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के तहत भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी पारस्परिक शुल्क 26% से घटाकर 18% किया गया। जेनेरिक दवाओं, रत्न और हीरे तथा विमान पुर्जों पर शून्य शुल्क लागू हुआ और भारत ने पाँच वर्षों में $500 अरब के अमेरिकी ऊर्जा एवं प्रौद्योगिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता जताई।
द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य क्या है?
भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का लक्ष्य 2030 तक $500 अरब का द्विपक्षीय व्यापार प्राप्त करना है। फरवरी 2026 का अंतरिम समझौता इस वृहद ढाँचे की दिशा में एक कदम है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार असंतुलन को दूर करना है।
भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते से किन भारतीय निर्यात क्षेत्रों को सर्वाधिक लाभ मिलने की उम्मीद है?
IT सेवाएं, वस्त्र, ऑटो पुर्जे, फार्मास्युटिकल, रत्न एवं आभूषण और इस्पात निर्यात को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है। फार्मास्युटिकल पर शून्य शुल्क विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत विश्व का सबसे बड़ा जेनेरिक दवा आपूर्तिकर्ता है।
भारत ने फरवरी 2026 व्यापार समझौते के तहत अमेरिकी ऊर्जा की $500 अरब की खरीद की प्रतिबद्धता क्यों जताई?
भारत ने अमेरिका के साथ व्यापार घाटा कम करने के लिए पाँच वर्षों में $500 अरब के अमेरिकी ऊर्जा (तेल, LNG) और प्रौद्योगिकी उत्पादों की खरीद की प्रतिबद्धता जताई। यह रणनीतिक प्रतिबद्धता भारत के ऊर्जा विविधीकरण लक्ष्यों के अनुकूल भी है और व्यापक भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करती है।
ट्रम्प की पारस्परिक शुल्क नीति का भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से क्या संबंध है?
राष्ट्रपति ट्रम्प की पारस्परिक शुल्क नीति के तहत अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 26% शुल्क लगाया था। फरवरी 2026 के अंतरिम समझौते में वार्ता के जरिए इसे 18% तक घटाया गया, जो वैश्विक व्यापार तनाव के दौर में अमेरिका के साथ संबंधों को संभालने में भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।