6–7 फरवरी 2026 को भारत और अमेरिका ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते का ढांचा घोषित किया और व्हाइट हाउस का संयुक्त वक्तव्य भी जारी हुआ। इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर 18% का एकीकृत पारस्परिक शुल्क लगाएगा — यह पहले 50% तक पहुंचने वाली संयुक्त दर से काफी कम है — जिनमें कपड़ा, चमड़ा, कार्बनिक रसायन, घरेलू सजावट और कुछ मशीनरी शामिल हैं। जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न-आभूषण, विमान पुर्जे, स्मार्टफोन, चाय, कॉफी और चुनिंदा कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क लागू होगा।

इसके बदले भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों पर शुल्क समाप्त या कम करेगा तथा अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों और IT वस्तुओं पर गैर-शुल्क बाधाएं हटाएगा। भारत ने पांच वर्षों में $500 अरब के अमेरिकी ऊर्जा, विमान, प्रौद्योगिकी और कोकिंग कोल खरीदने की प्रतिबद्धता जताई है।

यह समझौता राजस्थान के हस्तशिल्प और वस्त्र निर्यातकों — विशेष रूप से जोधपुर फर्नीचर क्लस्टर और जयपुर रत्न उद्योग — के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि नए ढांचे के तहत इन्हें शून्य या कम अमेरिकी शुल्क का लाभ मिलेगा।