7 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में 23वाँ भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया। एक संयुक्त वक्तव्य जारी किया गया, जिसमें रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा (कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना विस्तार सहित), द्विपक्षीय व्यापार वृद्धि, अंतरिक्ष सहयोग और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों का उल्लेख किया गया। PM मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के लिए निजी रात्रि भोज का आयोजन किया और उन्हें भगवद गीता का रूसी भाषा संस्करण उपहार में दिया — जो दोनों देशों के बीच गहरे सभ्यतागत संबंधों का प्रतीक है। यह शिखर सम्मेलन रूस-यूक्रेन संघर्ष की पृष्ठभूमि में हुआ, जिसमें भारत ने रणनीतिक स्वायत्तता की नीति बनाए रखते हुए संवाद और कूटनीति का आह्वान किया है। दोनों पक्षों ने भारत-रूस 2+2 मंत्रिस्तरीय संवाद, चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री गलियारे की प्रगति और अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारे (INSTC) के तहत सहयोग पर चर्चा की। पुतिन की भारत यात्रा — 2019 के बाद केवल दूसरी — को महत्वपूर्ण राजनयिक संपर्क के रूप में देखा गया। शिखर सम्मेलन ने भारत की रूस के साथ 'विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी' को मजबूत किया।