28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में संबोधन के साथ संसद का बजट सत्र 2026 प्रारंभ हुआ। सत्र दो चरणों में निर्धारित है: पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक, कुल 30 बैठकों के साथ। अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने 2026 को 'विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण वर्ष' कहा और 'सबका साथ, सबका विकास' की सरकारी दृष्टि को रेखांकित किया। उन्होंने 35 करोड़ टन से अधिक रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन, भारत के विश्व के सबसे बड़े चावल उत्पादक और दूसरे सबसे बड़े मत्स्य उत्पादक बनने, तथा जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज और तमिलनाडु में पम्बन ब्रिज जैसे अभूतपूर्व बुनियादी ढाँचे में निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और 2 करोड़ से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। राजस्थान के लिए बजट सत्र महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन और AMRUT 2.0 जैसी योजनाओं के तहत बढ़े हुए केंद्रीय आवंटन की प्रतीक्षा कर रहा है।
संसद का बजट सत्र 2026 प्रारंभ: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संयुक्त बैठक को संबोधित किया, 2026 को 'विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण वर्ष' बताया
28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ संसद का बजट सत्र 2026 प्रारंभ हुआ। सत्र दो चरणों में निर्धारित है: पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक, कुल 30 बैठकों के साथ। अपने संबोधन में राष्ट्रपति मुर्मू ने 2026 को 'विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण वर्ष' कहा और 'सबका साथ, सबका विकास' की सरकारी दृष्टि को रेखांकित किया। उन्होंने 35 करोड़ टन से अधिक रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन, भारत के विश्व के सबसे बड़े चावल उत्पादक और दूसरे सबसे बड़े मत्स्य उत्पादक बनने, तथा जम्मू-कश्मीर में चिनाब ब्रिज और तमिलनाडु में पम्बन ब्रिज जैसे अभूतपूर्व बुनियादी ढाँचे में निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी बताया कि 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ चुकी हैं और 2 करोड़ से अधिक महिलाएँ 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। राजस्थान के लिए बजट सत्र महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन और AMRUT 2.0 जैसी योजनाओं के तहत बढ़े हुए केंद्रीय आवंटन की प्रतीक्षा कर रहा है।
मुख्य तथ्य
- बजट सत्र 2026 की शुरुआत 28 जनवरी को संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति मुर्मू के संबोधन से हुई।
- सत्र दो चरणों में रहा: 28 जनवरी-13 फरवरी और 9 मार्च-2 अप्रैल, कुल 30 बैठकें।
- राष्ट्रपति ने 2026 को 'सबका साथ, सबका विकास' के तहत विकसित भारत का महत्वपूर्ण वर्ष बताया।
- 35 करोड़ टन से अधिक के रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन का उल्लेख किया गया।
- 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों से जुड़ीं और 2 करोड़ लखपति दीदी बनीं।
- केंद्रीय बजट 2026-27 को 1 फरवरी को पेश किया जाना निर्धारित है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: बजट सत्र 2026 तथा 28 जनवरी को राष्ट्रपति मुर्मू के 2026 को 'विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण वर्ष' संबोधन पर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
28 जनवरी 2026 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तीस बैठकों वाले बजट सत्र का उद्घाटन संयुक्त सत्र को संबोधित करते हुए किया—पहला चरण 13 फरवरी, दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल। उन्होंने 35 करोड़ टन खाद्यान्न उत्पादन, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ और 2 करोड़ लखपति दीदी का उल्लेख किया। बजट 2026-27 पहली फरवरी।
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28 जनवरी 2026 को संसद में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन में किस वर्ष की शुरुआत को भारत के इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश के रूप में बताया गया?
28 जनवरी 2026 को संसद के दोनों सदनों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि 2026 की शुरुआत के साथ देश इस सदी के दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। उन्होंने इस चरण को 2047 तक विकसित भारत की यात्रा से जोड़ा।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
संसद का बजट सत्र 2026 कब शुरू हुआ और इसके दो निर्धारित चरण कौन-से थे?
संसद का बजट सत्र 2026 राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधन के साथ 28 जनवरी 2026 को शुरू हुआ। सत्र दो चरणों में रखा गया था: पहला चरण 28 जनवरी से 13 फरवरी तक और दूसरा 9 मार्च से 2 अप्रैल तक, जिसमें कुल 30 बैठकें होनी थीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बजट सत्र 2026 के अपने संबोधन में क्या प्रमुख दृष्टिकोण प्रस्तुत किया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 2026 को 'विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण वर्ष' बताया और सरकार के मार्गदर्शक सिद्धांत 'सबका साथ, सबका विकास' पर प्रकाश डाला। उन्होंने 35 करोड़ टन से अधिक रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन को एक प्रमुख उपलब्धि बताया।
संसद को राष्ट्रपति के संबोधन का संवैधानिक प्रावधान क्या है और यह किस अनुच्छेद में है?
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 87 दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति के विशेष संबोधन का प्रावधान करता है। प्रत्येक आम चुनाव के बाद पहले सत्र की शुरुआत में और प्रत्येक वर्ष के पहले सत्र की शुरुआत में यह संबोधन अनिवार्य है।
बजट सत्र 2026 के संबोधन में महिला आर्थिक सशक्तीकरण से संबंधित कौन-सी उपलब्धि बताई गई?
राष्ट्रपति मुर्मू ने बताया कि 10 करोड़ से अधिक महिलाएँ स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी हैं और 2 करोड़ महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं — जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय कम से कम ₹1 लाख है। यह महिलाओं की वित्तीय समावेशिता और उद्यमशीलता में उल्लेखनीय प्रगति दर्शाता है।
केंद्रीय बजट 2026-27 की प्रस्तुति कब निर्धारित थी और इसे कौन प्रस्तुत करता है?
केंद्रीय बजट 2026-27 को 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाना निर्धारित था। केंद्रीय बजट वित्त मंत्री लोकसभा में पेश करते हैं। 2017 से इसे हर साल 1 फरवरी को पेश करने की परंपरा बन गई है; इससे पहले बजट फरवरी के अंतिम दिन पेश किया जाता था।
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