इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार भारत 20 फरवरी 2026 को भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 में पैक्स सिलिका गठबंधन से औपचारिक रूप से जुड़ा। पैक्स सिलिका विश्वसनीय देशों का ऐसा रणनीतिक गठबंधन है, जिसका ध्यान महत्वपूर्ण खनिजों और सेमीकंडक्टर निर्माण से लेकर उन्नत एआई प्रणालियों और उन्हें लागू करने की अवसंरचना तक पूरे सिलिकॉन स्टैक को सुरक्षित करने पर है। आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार इसका उद्देश्य वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अत्यधिक केंद्रीकरण कम करना, आर्थिक दबाव रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि उभरती प्रौद्योगिकियों का विकास और नियमन खुले लोकतांत्रिक समाजों के हाथ में रहे। इसे 2024 की घटना या विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा खान मंत्रालय की संयुक्त घोषणा के रूप में नहीं लिखा जाना चाहिए। संबंधित राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 29 जनवरी 2025 को मंजूरी दी थी, जिसमें 16,300 करोड़ रुपये व्यय और सार्वजनिक उपक्रमों तथा अन्य हितधारकों से 18,000 करोड़ रुपये अपेक्षित निवेश है। खान मंत्रालय के अनुसार एक समिति ने 30 महत्वपूर्ण खनिज चिह्नित किए थे, जिनमें से 24 को खनिज और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम की अनुसूची 1 के भाग डी में शामिल किया गया।