प्रकाशित: 29 सितंबर 2025समाचार स्रोतटॉपिक
S&P ने 18 वर्षों बाद भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग BBB/स्थिर पर अपग्रेड की
एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स ने 14 अगस्त 2025 को भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग बीबीबी- से बढ़ाकर बीबीबी कर दी और आउटलुक स्थिर रखा। इसी फैसले में अल्पकालिक रेटिंग ए-3 से ए-2 की गई। यह एस एंड पी की ओर से भारत का 18 वर्षों में पहला सॉवरेन अपग्रेड था; पिछला अपग्रेड 2007 में हुआ था, जब भारत बीबीबी- पर निवेश ग्रेड में आया था।
इस अपग्रेड का आधार भारत की आर्थिक मजबूती, राजकोषीय समेकन, सार्वजनिक खर्च की बेहतर गुणवत्ता, खासकर कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च, तथा मजबूत कॉरपोरेट, वित्तीय और बाहरी बैलेंस शीट रहा। एस एंड पी ने नीति-निरंतरता, लोकतांत्रिक संस्थाओं से मिलने वाली स्थिरता, भरोसेमंद मुद्रास्फीति प्रबंधन और घरेलू पूंजी बाजारों के विकास को भी सकारात्मक माना। सितंबर 2025 में भारत की मुद्रास्फीति 1.54% तक गिरना इसी व्यापक आर्थिक तस्वीर का हिस्सा है। वर्ष के दौरान रेपो दर 6.5% से घटकर 5.5% हुई, जिससे मौद्रिक वातावरण अपेक्षाकृत सहायक दिखा।
प्रीलिम्स में रेटिंग स्तर, आउटलुक, 18 वर्षों का अंतर, ए-2/ए-3 जैसी अल्पकालिक रेटिंग और 8.8% औसत वास्तविक GDP वृद्धि जैसे तथ्य पूछे जा सकते हैं। मुख्य परीक्षा में इसे भारत की व्यापक आर्थिक स्थिरता, पूंजी बाजारों में भरोसा, उधारी लागत और सार्वजनिक निवेश की गुणवत्ता से जोड़कर लिखा जा सकता है। बीबीबी निवेश ग्रेड के भीतर बेहतर स्थिति दिखाता है, इसलिए इसका संकेत केवल सरकारी उधारी तक सीमित नहीं रहता; यह कंपनियों, निवेशकों और बाहरी वित्तीय धारणा पर भी असर डाल सकता है।
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MoSPI की सितंबर 2025 CPI विज्ञप्ति के अनुसार भारत की मुख्य मुद्रास्फीति जून 2017 के बाद सबसे निचले स्तर पर आ गई थी। वह स्तर कितना था?
व्याख्या · सही उत्तर AMoSPI ने बताया कि अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर सितंबर 2025 में सालाना मुख्य मुद्रास्फीति 1.54% रही। विज्ञप्ति में यह भी कहा गया कि अगस्त 2025 की तुलना में 53 आधार अंकों की गिरावट के बाद यह जून 2017 के बाद सबसे निचला सालाना मुद्रास्फीति स्तर था।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
एस एंड पी ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग कब और किस स्तर तक अपग्रेड की?
एस एंड पी ग्लोबल रेटिंग्स ने 14 अगस्त 2025 को भारत की दीर्घकालिक सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग बीबीबी- से बीबीबी कर दी और आउटलुक स्थिर रखा। अल्पकालिक रेटिंग ए-3 से ए-2 की गई।
यह अपग्रेड ऐतिहासिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण था?
यह एस एंड पी की ओर से भारत का 18 वर्षों में पहला सॉवरेन अपग्रेड था। पिछला अपग्रेड 2007 में हुआ था, जब भारत बीबीबी- पर निवेश ग्रेड में आया था।
एस एंड पी ने अपग्रेड के प्रमुख कारण क्या बताए?
एस एंड पी ने भारत की आर्थिक मजबूती, राजकोषीय समेकन, सार्वजनिक खर्च की बेहतर गुणवत्ता, कैपेक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, मजबूत कॉरपोरेट, वित्तीय और बाहरी बैलेंस शीट, भरोसेमंद मुद्रास्फीति प्रबंधन और नीति-निरंतरता को प्रमुख कारण माना।
इस विषय का परीक्षा में क्या महत्व है?
प्रीलिम्स में रेटिंग स्तर, आउटलुक और 18 वर्षों का अंतर पूछा जा सकता है। मुख्य परीक्षा में इसे व्यापक आर्थिक स्थिरता, राजकोषीय नीति, मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति, क्रेडिट रेटिंग और उधारी लागत से जोड़ा जा सकता है।
बीबीबी रेटिंग का सामान्य अर्थ क्या है?
बीबीबी निवेश ग्रेड के भीतर एक बेहतर स्थिति दिखाती है। ऐसी रेटिंग वैश्विक निवेशकों को यह संकेत देती है कि देश की सॉवरेन देनदारियों पर जोखिम अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है, जिससे पूंजी बाजारों में भरोसा और उधारी लागत प्रभावित हो सकती है।