अक्टूबर 2025 में गृह मंत्रालय (MHA) ने बताया कि अत्यधिक प्रभावित वामपंथी उग्रवाद (LWE) जिलों की संख्या घटकर मात्र तीन — बीजापुर, सुकमा और नारायणपुर (सभी छत्तीसगढ़) — रह गई है। यह 10 राज्यों के 126 जिलों की तुलना में उल्लेखनीय गिरावट है। सरकार की बहु-आयामी रणनीति — सुरक्षा अभियान, आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति, तथा SAMADHAN सिद्धांत के तहत लक्षित विकास — को इस सफलता का श्रेय दिया जाता है। राजस्थान के लिए भी यह महत्त्वपूर्ण है क्योंकि बाँसवाड़ा और प्रतापगढ़ जिले ऐतिहासिक रूप से LWE-संवेदनशील क्षेत्र रहे हैं।