भारत की चार ऐतिहासिक श्रम संहिताएं 21 नवंबर 2025 से लागू हुईं, जिन्होंने 29 मौजूदा श्रम कानूनों को एक एकीकृत ढाँचे में समेकित किया। चार संहिताएं हैं: वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियाँ (OSHWC) संहिता 2020। प्रमुख सुधारों में शामिल हैं: सभी कर्मचारियों को अनिवार्य नियुक्ति पत्र; पहली बार गिग और प्लेटफ़ॉर्म कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा; निश्चित-अवधि कर्मचारियों के लिए केवल एक वर्ष (पहले पाँच वर्ष) के बाद ग्रेच्युटी पात्रता; 40 वर्ष से अधिक सभी कर्मचारियों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच; और सभी कर्मकारों के लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन। केंद्र सरकार के अंतिम नियम 1 अप्रैल 2026 तक अधिसूचित होने की उम्मीद है। राजस्थान में 26 लाख से अधिक पंजीकृत MSME उद्यमों और बड़े प्रवासी-गिग कार्यबल को इन सुधारों से पर्याप्त लाभ होगा।
भारत की चार श्रम संहिताएं लागू: 29 कानून ऐतिहासिक श्रम सुधार में समेकित (21 नवंबर 2025)
भारत की चार ऐतिहासिक श्रम संहिताएँ 21 नवंबर 2025 से लागू हुईं। इनके तहत 29 मौजूदा श्रम कानूनों को एक एकीकृत ढाँचे में समेटा गया। ये चार संहिताएँ हैं: वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियाँ (OSHWC) संहिता 2020। प्रमुख सुधारों में सभी कर्मचारियों के लिए नियुक्ति पत्र अनिवार्य करना; पहली बार गिग और प्लेटफ़ॉर्म कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा देना; निश्चित अवधि के कर्मचारियों को केवल एक वर्ष (पहले पाँच वर्ष) के बाद ग्रेच्युटी पात्रता देना; 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मचारियों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच; और सभी कर्मकारों के लिए वैधानिक न्यूनतम वेतन शामिल हैं। केंद्र सरकार के अंतिम नियम 1 अप्रैल 2026 तक अधिसूचित होने की उम्मीद है। राजस्थान में 26 लाख से अधिक पंजीकृत MSME उद्यमों और बड़े प्रवासी तथा गिग कार्यबल को इन सुधारों से पर्याप्त लाभ होगा।
मुख्य तथ्य
- भारत की चार श्रम संहिताएं 21 नवंबर 2025 से लागू हुईं; इनमें 29 कानूनों को समाहित किया गया है।
- चार संहिताएं वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और व्यावसायिक सुरक्षा को शामिल करती हैं।
- गिग और प्लेटफॉर्म कर्मकारों को पहली बार सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया।
- निश्चित अवधि के कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी पात्रता पाँच वर्ष से घटाकर एक वर्ष की गई।
- 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मचारियों के लिए निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच वैधानिक अधिकार बनी।
- पूर्ण क्रियान्वयन के नियम 1 अप्रैल 2026 तक अधिसूचित होने की उम्मीद है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 21 नवंबर 2025 से प्रभावी चार श्रम संहिताएं भारत के श्रम ढांचे को किस प्रकार पुनर्गठित करती हैं, गिग कामगारों, सूक्ष्म-लघु-मध्यम उद्यम एवं कामगार कल्याण पर ध्यान केंद्रित कर चर्चा कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
21 नवंबर 2025 से भारत की चार श्रम संहिताओं — मजदूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा — ने 29 कानूनों को समेकित किया। इनमें अनिवार्य नियुक्ति-पत्र, गिग और प्लेटफ़ॉर्म कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा, निश्चित अवधि वाले कर्मियों को एक वर्ष पर उपदान, 40 से ऊपर मुफ्त जाँच और सांविधिक न्यूनतम मजदूरी जैसे प्रावधान हैं; राजस्थान के 26 लाख उद्यमों को लाभ।
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भारत के श्रम कानूनों को समेकित करने के लिए कितनी श्रम संहिताएँ लागू की गईं?
चार श्रम संहिताएं 29 मौजूदा श्रम कानूनों को एक सुव्यवस्थित ढांचे में समेकित करने के लिए लागू की गईं।
स्रोत: PIB
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत की चार श्रम संहिताएं कब लागू हुईं और इनका क्या महत्व है?
भारत की चार श्रम संहिताएं 21 नवंबर 2025 को लागू हुईं। इन्होंने 29 मौजूदा श्रम कानूनों को एक ढाँचे में समेट दिया, जो भारत के श्रम कानूनों का ऐतिहासिक सरलीकरण है।
भारत में लागू चार श्रम संहिताएं कौन सी हैं?
चार श्रम संहिताएं हैं: वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य स्थितियाँ (OSHWC) संहिता 2020।
श्रम संहिताएं गिग कर्मकारों को क्या नई सामाजिक सुरक्षा प्रदान करती हैं?
पहली बार श्रम संहिताओं में गिग और प्लेटफ़ॉर्म कर्मकारों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। यह भारत के कार्यबल में गिग अर्थव्यवस्था के बढ़ते महत्व को स्वीकार करता है।
नई श्रम संहिताओं के तहत निश्चित अवधि कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की पात्रता में क्या बदलाव हुआ है?
नई श्रम संहिताओं के तहत निश्चित अवधि कर्मचारियों के लिए ग्रेच्युटी की पात्रता पाँच वर्ष से घटाकर एक वर्ष कर दी गई है, जिससे अल्पकालिक अनुबंध कर्मचारी भी ग्रेच्युटी लाभ पा सकते हैं।
नई श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के कर्मचारियों को क्या स्वास्थ्य लाभ मिलेगा?
नई श्रम संहिताओं के तहत 40 वर्ष से अधिक आयु के सभी कर्मचारियों को निःशुल्क वार्षिक स्वास्थ्य जांच वैधानिक अधिकार के रूप में मिलेगी। इससे कार्यरत जनसंख्या में निवारक स्वास्थ्य सेवा को बढ़ावा मिलेगा।
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