प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 दिसंबर 2025 को सक्रिय शासन और समयबद्ध क्रियान्वयन (PRAGATI) की 50वीं बैठक की अध्यक्षता की। यह भारत में ई-गवर्नेंस और परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव था। PRAGATI सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) पर आधारित ऐसा प्लेटफ़ॉर्म है जो कई माध्यमों को जोड़ता है। इसके ज़रिए जन-शिकायतों का निवारण किया जाता है तथा सरकारी कार्यक्रमों और परियोजनाओं की निगरानी की जाती है।

50वीं बैठक में प्रमुख केंद्रीय योजनाओं और राज्य-स्तरीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा हुई। इसमें जवाबदेही और परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर ज़ोर दिया गया। मार्च 2015 में शुरू हुए PRAGATI प्लेटफ़ॉर्म पर अब तक ₹85 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की समीक्षा और लाखों जन-शिकायतों का निवारण किया जा चुका है।

PRAGATI मॉडल की सफलता से प्रेरित होकर राजस्थान ने राज-उन्नति शुरू की। इसके साथ ही वह इस ढाँचे को राज्य स्तर पर अपनाने वाला भारत का पहला राज्य बना। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस पहल के तहत बुनियादी ढाँचे और शासन से जुड़ी ₹1,943 करोड़ की सात परियोजनाओं की संयुक्त समीक्षा की।

राज-उन्नति राज्य स्तर पर सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी आधारित प्लेटफ़ॉर्म के रूप में काम करती है। इससे परियोजनाओं की निगरानी, विभागों के बीच समन्वय और क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं का तत्काल समाधान किया जाता है। यह पहल पारदर्शिता, परिणामों पर आधारित निगरानी और सरकारी परियोजनाओं में देरी घटाने पर केंद्रित है। PRAGATI मॉडल को अपनाना दिखाता है कि राज्य स्तर पर ई-गवर्नेंस, आँकड़ों के आधार पर निर्णय लेने और सक्रिय प्रशासन की ओर व्यापक बदलाव हो रहा है।

राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण है। यह शासन सुधार, डिजिटल प्रशासन और केंद्र सरकार के ढाँचों के साथ तालमेल पर राज्य सरकार के ज़ोर को दिखाती है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास इसके क्रियान्वयन का नेतृत्व कर रहे हैं, जिससे परियोजनाओं को पूरा करने में प्रशासनिक जवाबदेही की अहमियत स्पष्ट होती है।