भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 25 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित नागरिक अलंकरण समारोह प्रथम में वर्ष 2026 के पद्म विभूषण पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कार प्रदान किए जिसमें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तथा वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री उपस्थित रहे। राष्ट्रपति ने अलंकरण समारोह के पहले चरण में 66 विशिष्ट हस्तियों को सम्मान प्रदान किया जिसमें सार्वजनिक मामलों कला साहित्य शिक्षा चिकित्सा व्यापार एवं उद्योग समाज सेवा खेल विज्ञान एवं अभियांत्रिकी तथा जमीनी सांस्कृतिक परंपराओं के क्षेत्र की उपलब्धियां शामिल थीं। शेष पुरस्कार विजेताओं को 2026 में बाद में आयोजित होने वाले दूसरे नागरिक अलंकरण समारोह में सम्मानित किया जाएगा। वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार ने कुल 131 पद्म पुरस्कारों को मंजूरी दी है जिसमें पांच पद्म विभूषण तेरह पद्म भूषण तथा एक सौ तेरह पद्म श्री सम्मान शामिल हैं। ये सम्मान 1954 में स्थापित किए गए थे और गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर हर वर्ष इनकी घोषणा होती है। पद्म विभूषण असाधारण और विशिष्ट सेवा को पद्म भूषण उच्च कोटि की विशिष्ट सेवा को और पद्म श्री किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा को मान्यता देता है। यह पुरस्कार पद्म पुरस्कार समिति की सिफारिश पर प्रदान किए जाते हैं जिसका गठन प्रधानमंत्री हर वर्ष करते हैं और जिसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करते हैं। मरणोपरांत पुरस्कार भी दिए जाते हैं और इस सूची में 2017 में शुरू की गई पीपुल्स पद्म पहल के ज़रिए ग्रामीण भारत के अनेक गुमनाम नायकों को मान्यता दी गई है। पुरस्कार में राष्ट्रपति द्वारा हस्ताक्षरित सनद और पदक दिए जाते हैं किंतु कोई नकद राशि नहीं होती। सरकार ने लगातार इस बात पर बल दिया है कि पद्म पुरस्कार प्रक्रिया अब नामांकन आधारित है और इसमें नागरिकों की भागीदारी है; राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के ज़रिए सार्वजनिक नामांकन के लिए खुला ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध है।