प्रकाशित: 24 जनवरी 2026टॉपिक
भारत में 2015-2023 के बीच मलेरिया मामलों में 80% से अधिक कमी; 160 जिलों में शून्य मामले
भारत ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि दर्ज की है: 2015 से 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% से अधिक कमी आई। इसी प्रगति का दूसरा संकेत यह है कि 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 160 जिलों ने 2022-2024 के दौरान लगातार तीन वर्षों तक स्वदेशी मलेरिया मामलों को शून्य पर बनाए रखा। परीक्षा की दृष्टि से यह तथ्य केवल स्वास्थ्य क्षेत्र की खबर नहीं है; यह रोग-नियंत्रण, सामुदायिक निगरानी और सरकारी कार्यक्रमों के परिणामों को समझने का उदाहरण भी है।
राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम और राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन ढांचा (2016-2030) इस उपलब्धि की पृष्ठभूमि में आते हैं। ढांचे में कम प्रकोप वाले राज्यों से उन्मूलन, राज्यों को मलेरिया-मुक्त स्थिति की ओर ले जाना, देशभर में संक्रमण रोकना और 2026-2030 में फिर से फैलाव रोकने जैसे चरण बताए गए हैं। यह WHO की वैश्विक तकनीकी रणनीति 2016-2030 से भी जुड़ता है, जिसमें मामलों और मृत्यु दर में 90% कमी का लक्ष्य रखा गया है।
कमी के पीछे कई परिचित सार्वजनिक-स्वास्थ्य उपाय रहे: कीटनाशक-उपचारित मच्छरदानी का व्यापक वितरण, अधिक बोझ वाले क्षेत्रों में घरों के अंदर अवशिष्ट छिड़काव, रैपिड टेस्ट, आर्टेमिसिनिन-आधारित संयोजन उपचार और आशा कार्यकर्ताओं के ज़रिए सामुदायिक निगरानी। फिर भी चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मलेरिया का बोझ आदिवासी और वन क्षेत्रों में अधिक केंद्रित बताया गया है, खासकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, मेघालय, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में। अधिक बोझ वाले क्षेत्रों में प्लास्मोडियम फाल्सिपेरम जैसे अधिक गंभीर प्रकार के बारे में भी परीक्षा में पूछा जा सकता है।
सामान्य अध्ययन के अन्य विषयों से जोड़कर देखें तो यह विषय वेक्टर-जनित रोग, रोग उन्मूलन बनाम नियंत्रण, स्वास्थ्य निगरानी, लक्षित सार्वजनिक-स्वास्थ्य वितरण और कमजोर समुदायों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच से जुड़ता है। प्रारंभिक परीक्षा में आंकड़े, वर्ष और जिलों की संख्या पूछी जा सकती है।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नआसान
2015 और 2023 के बीच भारत ने मलेरिया मामलों में कितनी कमी हासिल की?
व्याख्या · सही उत्तर Cभारत में मलेरिया के दर्ज मामलों की संख्या 2015 में 11,69,261 से घटकर 2023 में 2,27,564 रह गई। यह मामलों में 80% से थोड़ी अधिक कमी है, इसलिए विकल्प C सही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने मलेरिया नियंत्रण में कौन-सी मुख्य उपलब्धि दर्ज की?
भारत में 2015 से 2023 के बीच मलेरिया के मामलों और मौतों में 80% से अधिक कमी आई। साथ ही 23 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 160 जिलों ने 2022-2024 में लगातार तीन वर्षों तक स्वदेशी मलेरिया मामलों को शून्य पर बनाए रखा।
राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन ढांचा 2016-2030 परीक्षा में क्यों महत्वपूर्ण है?
यह ढांचा मलेरिया उन्मूलन को चरणबद्ध तरीके से देखता है: कम प्रकोप वाले राज्यों से उन्मूलन, राज्यों को मलेरिया-मुक्त स्थिति की ओर ले जाना, देशभर में संक्रमण रोकना और 2026-2030 में फिर से फैलाव रोकना। यह WHO की 2016-2030 वैश्विक रणनीति से भी जुड़ता है।
मलेरिया मामलों में कमी लाने वाले प्रमुख उपाय कौन-से रहे?
कीटनाशक-उपचारित मच्छरदानी, घरों के अंदर अवशिष्ट छिड़काव, रैपिड टेस्ट, आर्टेमिसिनिन-आधारित संयोजन उपचार और आशा कार्यकर्ताओं के ज़रिए सामुदायिक निगरानी प्रमुख उपायों में शामिल रहे।
मलेरिया का बचा हुआ बोझ किन क्षेत्रों से जोड़ा गया है?
बचा हुआ बोझ आदिवासी और वन क्षेत्रों में अधिक केंद्रित बताया गया है, खासकर ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, मेघालय, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में।