भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत-EU शिखर सम्मेलन में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता सफलतापूर्वक पूरी की — जिसे राजनीतिक नेताओं ने 'सभी सौदों की जननी' कहा — और 28 जनवरी को औपचारिक घोषणा हुई। यह दोनों पक्षों के बीच अब तक का सबसे बड़ा व्यापार सौदा है। इसके मुख्य प्रावधान ये हैं: भारत कार शुल्क को पाँच वर्षों में 110% से घटाकर 10% करेगा; EU विमान और अंतरिक्षयान पर शुल्क समाप्त करेगा; EU शराब पर शुल्क 20-30% तक घटाएगा; और EU फलों के रस तथा प्रसंस्कृत खाद्य पर शुल्क समाप्त करेगा। EU ने भारत के श्रम-प्रधान निर्यात — वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते-चप्पल, रत्न और आभूषण — को तुरंत शून्य शुल्क पर प्रवेश दे दिया। राजस्थान के लिए इस FTA में बड़े अवसर हैं — जयपुर के रत्न-आभूषण उद्योग, जोधपुर-बाड़मेर-सांगानेर के वस्त्र और हस्तशिल्प, तथा चमड़ा उद्योग को EU में शून्य शुल्क पर प्रवेश से बड़ा फायदा मिलेगा।
हैदराबाद हाउस में भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ता पूरी: ऐतिहासिक 'सभी सौदों की जननी' EU के 96.6% निर्यात पर शुल्क समाप्त करेगी, 144 सेवा उप-क्षेत्र खोलेगी
भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी 2026 को नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत-EU शिखर सम्मेलन के दौरान ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर वार्ता सफलतापूर्वक पूरी की — राजनीतिक नेताओं ने इसे 'सभी सौदों की जननी' कहा — और 28 जनवरी को इसकी औपचारिक घोषणा हुई। यह दोनों पक्षों के बीच अब तक का सबसे बड़ा व्यापार सौदा है। मुख्य प्रावधानों में ये बातें शामिल हैं: भारत पाँच वर्षों में कार शुल्क 110% से घटाकर 10% करेगा; EU विमान और अंतरिक्षयान पर शुल्क समाप्त करेगा; EU शराब पर शुल्क 20-30% तक कम करेगा; और EU फलों के रस तथा प्रसंस्कृत खाद्य पर शुल्क समाप्त करेगा। EU ने भारत के श्रम-प्रधान निर्यात — वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते-चप्पल, रत्न और आभूषण — को तुरंत शून्य शुल्क पर पहुँच दी। राजस्थान के लिए FTA में बड़े अवसर हैं — जयपुर के रत्न-आभूषण उद्योग, जोधपुर-बाड़मेर-सांगानेर के वस्त्र और हस्तशिल्प, तथा चमड़ा उद्योग को EU में शून्य शुल्क पहुँच से बड़ा फ़ायदा मिलेगा।
मुख्य तथ्य
- हैदराबाद हाउस में जिस भारत-EU FTA पर हस्ताक्षर हुए, वह दोनों पक्षों का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार सौदा है।
- भारत कारों पर शुल्क 110% से घटाकर 10% करेगा; सालाना 2.5 लाख EU वाहनों का कोटा रहेगा।
- EU ने भारतीय वस्त्र, चमड़ा, रत्न और आभूषण को तत्काल शून्य शुल्क पर बाजार पहुँच दी।
- भारत को IT और शिक्षा सहित EU के 144 सेवा उप-क्षेत्रों में बाजार पहुँच मिली।
- इससे राजस्थान में जयपुर के रत्न उद्योग और जोधपुर के वस्त्र व चमड़ा क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा।
- सौदे को EU परिषद, यूरोपीय संसद और भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी चाहिए।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 27 जनवरी 2026 को वार्ता-पूर्ण भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के प्रावधानों एवं रणनीतिक महत्व का राजस्थान के रत्न, वस्त्र तथा चमड़ा क्षेत्रों के लिए परीक्षण कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
27 जनवरी 2026 को हैदराबाद हाउस में वार्ता-पूर्ण भारत-ईयू एफटीए में विश्व जीडीपी का 25% तथा दो अरब लोग शामिल हैं। भारत कार शुल्क 110% से 10% तक पांच वर्षों में घटाएगा, वार्षिक 2,50,000 ईयू वाहनों के लिए; ईयू भारतीय वस्त्र, चमड़ा, रत्नों को शुल्क-मुक्त पहुंच देगा — जयपुर, जोधपुर, भीलवाड़ा लाभान्वित।
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भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के अंतर्गत भारत को ईयू के कितने सेवा उपक्षेत्रों में व्यापक बाज़ार पहुँच प्राप्त होती है?
लेख के अनुसार भारत को आईटी व आईटीईएस, व्यावसायिक सेवाओं तथा शिक्षा सहित एक सौ चवालीस ईयू सेवा उपक्षेत्रों में व्यापक बाज़ार पहुँच प्राप्त हुई।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता क्या है और इसे 'सभी सौदों की जननी' क्यों कहा गया?
भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता 27 जनवरी 2026 को हैदराबाद हाउस में संपन्न हुआ। यह भारत या यूरोपीय संघ, दोनों में से किसी का भी अब तक का सबसे बड़ा व्यापार सौदा है। इसे 'सभी सौदों की जननी' इसलिए कहा गया क्योंकि भारत और EU मिलकर विश्व GDP का लगभग 25% और लगभग दो अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
भारत-EU FTA में भारत ने क्या मुख्य शुल्क रियायतें दीं?
भारत ने पाँच वर्षों में कार आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% करने पर सहमति दी, जो सालाना 2.5 लाख EU वाहनों के कोटे के अधीन है। भारत ने EU वाइन और स्पिरिट पर शुल्क 20-30% तक कम करने और EU विमान व अंतरिक्षयान पर शुल्क समाप्त करने पर भी सहमति दी। बदले में EU ने भारतीय वस्त्र, चमड़ा, रत्न, आभूषण और कृषि उत्पादों को तुरंत शून्य शुल्क के साथ बाजार-प्रवेश दिया।
भारत-EU FTA से राजस्थान के निर्यात क्षेत्रों को कैसे लाभ होगा?
राजस्थान को भारत-EU FTA से काफी लाभ होगा। जयपुर का रत्न और आभूषण उद्योग, जोधपुर का वस्त्र क्षेत्र और राजस्थान का चमड़ा उद्योग, सभी को EU बाजारों में तुरंत शून्य शुल्क के साथ पहुँच मिलेगी। इसके अलावा, राजस्थान के हस्तशिल्प और मसाले व तिलहन जैसे कृषि निर्यातों को भी EU बाजार तक बेहतर पहुँच का लाभ मिलेगा।
भारत को 144 EU सेवा उप-क्षेत्रों में पहुँच का क्या महत्व है?
IT सेवाओं, शिक्षा, व्यावसायिक सेवाओं और वित्तीय सेवाओं सहित EU के 144 सेवा उप-क्षेत्रों में बाजार पहुँच मिलने से भारत के प्रमुख सेवा-निर्यात क्षेत्रों के लिए बड़ा अवसर बनेगा। भारतीय IT कंपनियों और पेशेवरों को यूरोप में आसान बाजार पहुँच, कार्य परमिट की सरल प्रक्रिया और योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता मिलेगी।
भारत-EU FTA के लागू होने से पहले किन अनुमोदनों की आवश्यकता है?
भारत-EU FTA को औपचारिक कानूनी रूप देने से पहले EU परिषद (सदस्य राज्यों का प्रतिनिधित्व), यूरोपीय संसद और भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल से अनुसमर्थन चाहिए। दोनों पक्षों की विधायी प्रक्रियाएँ जटिल हैं, इसलिए समझौते का पूर्ण कार्यान्वयन चरणबद्ध रहने की उम्मीद है।
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