प्रकाशित: 24 फ़रवरी 2026PIBटॉपिक
MHA ने भारत की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति 'प्रहार' जारी की
फरवरी 2026 में गृह मंत्रालय (MHA) ने भारत की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति 'प्रहार' जारी की। यह नीति प्रतिक्रियात्मक सुरक्षा रुख से आगे बढ़कर सक्रिय और खुफिया-आधारित रणनीति अपनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है। इसमें सरकार के सभी अंगों और समाज की भागीदारी पर आधारित दृष्टिकोण की रूपरेखा दी गई है।
प्रहार सात स्तंभों पर आधारित है: आतंकी हमलों की रोकथाम, खतरे के अनुरूप त्वरित प्रतिक्रिया, सरकार के सभी अंगों के समन्वय से आंतरिक क्षमताओं का एकत्रीकरण, मानवाधिकार और विधि-शासन आधारित प्रक्रियाएँ, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों और कट्टरपंथीकरण में कमी, अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का समन्वय, तथा समाज की भागीदारी से पुनर्प्राप्ति और लचीलापन। यह ड्रोन, एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप, डार्क वेब और क्रिप्टोकरेंसी आधारित आतंकी वित्तपोषण जैसे आधुनिक खतरों से निपटती है। नीति भारतीय कानून के तहत आतंकी वित्तपोषण नेटवर्क को तोड़ने तथा सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के आतंकी दुरुपयोग के विरुद्ध तकनीकी निवेश और निजी साझेदारियों के ज़रिए निरंतर कार्रवाई पर बल देती है।
संस्थागत रूप से, प्रहार केंद्रीय और राज्य एजेंसियों के बीच रियल-टाइम खुफिया साझाकरण के लिए खुफिया ब्यूरो के अंतर्गत बहु-एजेंसी केंद्र (MAC) और संयुक्त खुफिया कार्यबल (JTFI) पर निर्भर है। राजस्थान के लिए, जिसकी सीमा पाकिस्तान से 1,070 किमी तक लगती है, प्रहार के सीमा सुरक्षा खुफिया, कट्टरपंथीकरण में कमी और अंतर-एजेंसी समन्वय से जुड़े प्रावधान सीधे प्रासंगिक हैं।
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अभ्यास प्रश्न MCQ
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जुड़ा प्रश्नआसान
भारत की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति, प्रहार, जारी होने का विषय मुख्य रूप से किस श्रेणी में आता है?
व्याख्या · सही उत्तर Cप्रहार गृह मंत्रालय द्वारा जारी राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति और रणनीति है। इसका संबंध आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध, संस्थागत समन्वय, कानूनी प्रक्रिया और पूरे शासन-तंत्र की प्रतिक्रिया से है। इसलिए यह मुख्य रूप से शासन और सार्वजनिक नीति का विषय है, विज्ञान और प्रौद्योगिकी का नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्रहार क्या है और इसे कब जारी किया गया?
प्रहार भारत की पहली व्यापक राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी नीति है, जिसे फरवरी 2026 में गृह मंत्रालय (MHA) ने जारी किया। यह दिखाती है कि भारत आतंकवादी घटनाओं पर सिर्फ घटना के बाद प्रतिक्रिया देने की जगह अब एक व्यवस्थित, खुफिया जानकारी पर आधारित आतंकवाद-रोधी ढांचे की ओर बढ़ रहा है।
भारत की आतंकवाद-रोधी नीति प्रहार के सात स्तंभ कौन से हैं?
प्रहार के सात स्तंभ हैं: (1) आतंकी हमलों की रोकथाम, (2) त्वरित और अनुपातिक प्रतिक्रिया, (3) आंतरिक क्षमताओं को एक साथ लाना, (4) मानवाधिकार और विधि-शासन पर आधारित प्रक्रियाएँ, (5) आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को कम करना, (6) अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के साथ तालमेल, और (7) पूरे समाज की भागीदारी से पुनर्वास और लचीलापन।
प्रहार के कार्यान्वयन का समन्वय कौन सी एजेंसियाँ करती हैं और यह किन आधुनिक खतरों से निपटती है?
प्रहार का समन्वय बहु-एजेंसी केंद्र (MAC) और संयुक्त खुफिया कार्यबल (JTFI) द्वारा पूरे शासन-तंत्र की भागीदारी वाले दृष्टिकोण के तहत किया जाता है। यह ड्रोन-आधारित आतंकवाद, क्रिप्टोकरेंसी वित्तपोषण और डार्क वेब भर्ती सहित आधुनिक हाइब्रिड खतरों से निपटती है।
प्रहार किन मौजूदा कानूनों का पूरक है?
प्रहार मौजूदा कानूनों का पूरक है जिनमें गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता 2023 (BNS 2023), राष्ट्रीय जाँच एजेंसी अधिनियम 2008 (NIA अधिनियम), और धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) शामिल हैं।
भारत की आंतरिक सुरक्षा संरचना के लिए प्रहार का क्या महत्व है?
प्रहार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भारत का पहला ऐसा आतंकवाद-रोधी ढांचा है, जो नीति स्तर पर पूरे शासन-तंत्र को जोड़ता है। यह भारत को तदर्थ, घटना-आधारित प्रतिक्रियाओं से आगे बढ़ाकर सक्रिय, व्यवस्थित और खुफिया जानकारी पर आधारित दृष्टिकोण की ओर ले जाता है।