राजस्थान दिसंबर 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटीकरण करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने यह घोषणा की। राज्य ने अभियान के दौरान वितरित सभी 5,46,56,215 मतदाता गणना प्रपत्रों को सफलतापूर्वक प्रोसेस और डिजिटाइज़ किया। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान देश में मतदाता मानचित्रण में भी सबसे आगे है — 97% से अधिक मानचित्रण पूरा हो चुका है। यानी प्रति मतदान केंद्र केवल लगभग 30 मतदाताओं (कुल मतदाताओं का 3%) को दावों और आपत्तियों के चरण में दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे (16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक)। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। SIR भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा समय-समय पर किया जाने वाला अभ्यास है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को अपडेट और त्रुटिरहित बनाना है। राजस्थान की 100% डिजिटीकरण की उपलब्धि उसे निर्वाचन प्रशासन और डिजिटल लोकतंत्र के लिए एक मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करती है।
राजस्थान विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटीकरण करने वाला पहला राज्य बना
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन की घोषणा के अनुसार, राजस्थान दिसंबर 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटीकरण करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया। राज्य ने इस अभियान में वितरित सभी 5,46,56,215 मतदाता गणना प्रपत्रों को सफलतापूर्वक जांचकर डिजिटाइज़ किया। इस उपलब्धि के साथ राजस्थान मतदाता मानचित्रण में भी देश में आगे है; 97% से अधिक मानचित्रण पूरा हो चुका है। यानी दावों और आपत्तियों के चरण में प्रति मतदान केंद्र केवल लगभग 30 मतदाताओं, अर्थात कुल मतदाताओं के 3%, को दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे (16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक)। अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी। SIR भारत निर्वाचन आयोग (ECI) द्वारा समय-समय पर किया जाने वाला अभ्यास है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूचियों को अपडेट और त्रुटिरहित रखना है। राजस्थान की 100% डिजिटीकरण की उपलब्धि उसे निर्वाचन प्रशासन और डिजिटल लोकतंत्र के लिए एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करती है।
मुख्य तथ्य
- राजस्थान SIR कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटलीकरण करने वाला पहला राज्य बना।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने सभी 5.46 करोड़ फॉर्म डिजिटल रूप से प्रोसेस किए जाने की घोषणा की।
- 97% से अधिक मतदाताओं का मानचित्रण पूरा हो चुका है; केवल 3% को दस्तावेज़ प्रस्तुत करने होंगे।
- दावों और आपत्तियों का चरण 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक चलेगा।
- अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होगी।
- यह उपलब्धि राजस्थान को निर्वाचन प्रशासन और डिजिटल लोकतंत्र के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाती है।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: भारत में चुनावी शासन और डिजिटल लोकतंत्र के संदर्भ में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत मतदाता सूची के 100% डिजिटलीकरण में राजस्थान के प्रथम राज्य बनने के महत्व का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने दिसंबर 2025 में घोषणा की कि राजस्थान ने सभी 5,46,56,215 मतदाता गणना प्रपत्रों को डिजिटल कर दिया है और 97% मानचित्रण पूरा हो चुका है। दावे-आपत्ति चरण (16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026) में केवल 3% मतदाताओं को भौतिक दस्तावेज देने होंगे। अंतिम सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित हुई, जिससे चुनावी पारदर्शिता बढ़ेगी।
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विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत राजस्थान में मतदाता सूचियों के 100% डिजिटीकरण के बारे में कौन-सा कथन सही है?
राजस्थान ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत अपनी मतदाता सूची का 100% डिजिटीकरण पूरा किया और ऐसा करने वाला भारत का पहला राज्य बताया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने इसका श्रेय BLO, पर्यवेक्षकों और जिला निर्वाचन टीमों के समन्वित काम को दिया।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SIR कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटीकरण करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा बना?
राजस्थान दिसंबर 2025 में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम के तहत मतदाता सूचियों का 100% डिजिटीकरण करने वाला भारत का पहला राज्य बना। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि सभी 5,46,56,215 मतदाता गणना प्रपत्रों को डिजिटल तरीके से संसाधित किया गया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम क्या है?
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्यक्रम भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों को अपडेट और डिजिटाइज़ करने के लिए चलाया जाने वाला व्यापक अभियान है। इसमें पंजीकृत मतदाताओं को प्रपत्र बांटना, डेटा सत्यापन करना और मतदाता सूची को सही रखने के लिए मतदाताओं को उनके मतदान केंद्रों से जोड़ना शामिल है।
SIR कार्यक्रम के तहत राजस्थान ने कितने प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग पूरी की?
राजस्थान ने SIR कार्यक्रम के तहत 97% से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी की। इसका अर्थ है कि केवल लगभग 3% मतदाताओं (प्रति मतदान केंद्र लगभग 30 मतदाता) को दावों और आपत्तियों के चरण में कागजी दस्तावेज़ प्रस्तुत करने थे।
राजस्थान में SIR कार्यक्रम के तहत अंतिम मतदाता सूची कब प्रकाशित होनी थी?
SIR कार्यक्रम के तहत अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को प्रकाशित होने वाली थी। इससे पहले 16 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 तक दावों और आपत्तियों का चरण चला।
RPSC प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से राजस्थान की इस उपलब्धि का क्या महत्व है?
मतदाता सूचियों के 100% डिजिटीकरण की उपलब्धि राजस्थान को निर्वाचन प्रशासन और डिजिटल लोकतंत्र का मॉडल राज्य बनाती है। RPSC अभ्यर्थियों के लिए यह राजस्थान के ई-गवर्नेंस, प्रशासनिक कुशलता और निर्वाचन सुधारों में नेतृत्व को दिखाता है, जो राजस्थान सामान्य ज्ञान और समसामयिकी की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
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