नीति आयोग ने 13 फरवरी 2026 को अपनी ट्रेड वॉच त्रैमासिक रिपोर्ट का 6वाँ संस्करण जारी किया, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर 2025) शामिल है। इस रिपोर्ट में वस्तु और सेवा दोनों क्षेत्रों में भारत के व्यापार प्रदर्शन का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य बातें:

Q2 FY2025-26 के दौरान भारत का कुल निर्यात साल-दर-साल 8.5% बढ़ा। इंजीनियरिंग वस्तुओं, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक घटकों की बदौलत माल निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। आईटी और बिजनेस प्रोसेस सेवाओं के प्रमुख योगदान के साथ सेवा निर्यात भी बढ़त पर रहा।

गैर-जरूरी वस्तुओं के आयात में कमी और निर्यात वृद्धि के चलते व्यापार संतुलन में सुधार आया। पीएलआई (उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन) योजनाओं के तहत घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ने से व्यापार घाटा भी कम हुआ।

शीर्ष निर्यात गंतव्यों में अमेरिका, यूएई और यूरोपीय संघ शामिल रहे। अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के उभरते बाजारों में भी भारतीय वस्तुओं की मांग बढ़ी। रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक माल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ रही है।

सेवा व्यापार अधिशेष माल व्यापार घाटे की भरपाई में स्वाभाविक सहारा देता है। सॉफ्टवेयर सेवाएं, पेशेवर परामर्श और वित्तीय सेवाओं ने सेवा निर्यात का नेतृत्व किया। प्रेषण (रेमिटेंस) भी मजबूत बना रहा।

नीति आयोग ने व्यापार सुविधा, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ गहरे जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करने की सिफारिश की। यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं के लिए बाहरी क्षेत्र प्रदर्शन की त्रैमासिक संदर्भ-पुस्तिका के रूप में काम करती है।