प्रकाशित: 12 फ़रवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
नीति आयोग ट्रेड वॉच का 6वाँ त्रैमासिक संस्करण (वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही): भारत का निर्यात 8.5% बढ़ा
नीति आयोग ने 13 फरवरी 2026 को अपनी ट्रेड वॉच त्रैमासिक रिपोर्ट का 6वाँ संस्करण जारी किया, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (जुलाई–सितंबर 2025) शामिल है। इस रिपोर्ट में वस्तु और सेवा दोनों क्षेत्रों में भारत के व्यापार प्रदर्शन का व्यापक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
मुख्य बातें:
Q2 FY2025-26 के दौरान भारत का कुल निर्यात साल-दर-साल 8.5% बढ़ा। इंजीनियरिंग वस्तुओं, फार्मास्यूटिकल्स और इलेक्ट्रॉनिक घटकों की बदौलत माल निर्यात में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। आईटी और बिजनेस प्रोसेस सेवाओं के प्रमुख योगदान के साथ सेवा निर्यात भी बढ़त पर रहा।
गैर-जरूरी वस्तुओं के आयात में कमी और निर्यात वृद्धि के चलते व्यापार संतुलन में सुधार आया। पीएलआई (उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन) योजनाओं के तहत घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ने से व्यापार घाटा भी कम हुआ।
शीर्ष निर्यात गंतव्यों में अमेरिका, यूएई और यूरोपीय संघ शामिल रहे। अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के उभरते बाजारों में भी भारतीय वस्तुओं की मांग बढ़ी। रिपोर्ट में बताया गया कि वैश्विक माल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी धीरे-धीरे बढ़ रही है।
सेवा व्यापार अधिशेष माल व्यापार घाटे की भरपाई में स्वाभाविक सहारा देता है। सॉफ्टवेयर सेवाएं, पेशेवर परामर्श और वित्तीय सेवाओं ने सेवा निर्यात का नेतृत्व किया। प्रेषण (रेमिटेंस) भी मजबूत बना रहा।
नीति आयोग ने व्यापार सुविधा, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी और वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं के साथ गहरे जुड़ाव पर ध्यान केंद्रित करने की सिफारिश की। यह रिपोर्ट नीति-निर्माताओं के लिए बाहरी क्षेत्र प्रदर्शन की त्रैमासिक संदर्भ-पुस्तिका के रूप में काम करती है।
0मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: नीति आयोग की छठी व्यापार निगरानी त्रैमासिक रिपोर्ट (दूसरी तिमाही वित्त वर्ष 2025-26) के भारत के बाह्य क्षेत्र पर महत्व का मूल्यांकन कीजिए तथा पीएलआई योजनाओं एवं सेवा निर्यात की भूमिका स्पष्ट कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
13 फरवरी 2026 को जारी छठी व्यापार निगरानी त्रैमासिक रिपोर्ट के अनुसार, दूसरी तिमाही वित्त वर्ष 2025-26 में निर्यात में 8.5% वार्षिक वृद्धि हुई, जिसमें इंजीनियरिंग, औषधि, इलेक्ट्रॉनिक्स व सूचना-प्रौद्योगिकी सेवाओं की प्रमुख भूमिका रही। पीएलआई से बढ़े विनिर्माण ने आयात संयमित किया और व्यापार घाटा घटाया। सेवा अधिशेष वस्तु व्यापार के अंतर को संतुलित कर प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाता है।
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जुड़ा प्रश्नमध्यम
नीति आयोग के Trade Watch Quarterly के छठे संस्करण, Q2 FY2025-26, के अनुसार भारत के सेवाओं और वस्तु निर्यात में लगभग कितनी वृद्धि दर्ज की गई?
व्याख्या · सही उत्तर Cनीति आयोग के छठे Trade Watch Quarterly पर PIB की विज्ञप्ति बताती है कि सेवाओं और वस्तु निर्यात में लगभग 8.5% की मजबूत वृद्धि हुई और दोनों क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि आयात वृद्धि से आगे रही।