सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 'भारत में बच्चे 2025' का चौथा संस्करण जारी किया है। यह अपडेट परीक्षा की दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें बाल स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े ऐसे संकेतक दिए गए हैं जिन्हें RAS और UPSC जैसी परीक्षाओं में प्रारंभिक परीक्षा के तथ्यात्मक प्रश्नों से जोड़ा जा सकता है। रिपोर्ट का सबसे प्रमुख स्वास्थ्य संकेतक शिशु मृत्यु दर है। यह 2011 में प्रति 1,000 जीवित जन्म पर 44 थी, जो 2023 में घटकर 25 रह गई। इससे बाल स्वास्थ्य से जुड़े नतीजों और सामाजिक क्षेत्र की स्थिति को समझने का आधार मिलता है।

शिक्षा से जुड़े संकेतकों में ड्रॉपआउट दर में गिरावट दर्ज की गई है। यह 2022-23 में 13.8% थी और 2024-25 में घटकर 8.2% रह गई। परीक्षा के दृष्टिकोण से यह तथ्य शिक्षा, मानव पूंजी और सामाजिक विकास से जुड़े प्रश्नों में काम आता है। रिपोर्ट मृत्यु दर, पोषण, शिक्षा और संरक्षण जैसे बाल कल्याण संकेतकों को कवर करती है, इसलिए इसे केवल स्वास्थ्य की खबर मानकर नहीं पढ़ना चाहिए। मानव विकास संकेतक सामाजिक क्षेत्र के प्रदर्शन और नीति-परिणामों को समझने में मदद करते हैं।

स्टैटिक जीके लिंक के रूप में अभ्यर्थी शिशु मृत्यु दर की परिभाषा, प्रति 1,000 जीवित जन्म का आधार, स्कूल ड्रॉपआउट दर और बाल कल्याण संकेतकों के बीच संबंध याद रख सकते हैं। प्रारंभिक परीक्षा में मंत्रालय, रिपोर्ट का संस्करण, वर्ष, शिशु मृत्यु दर की गिरावट और ड्रॉपआउट दर के आंकड़े सीधे पूछे जा सकते हैं।