भारत के प्रतिवेदन के बाद अमेरिकी वित्त विभाग ने कहा कि चाबहार बंदरगाह पर गतिविधियां 26 अप्रैल 2026 तक अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में नहीं आएंगी। यह राहत सितंबर 2025 में पहले की छूट वापस लेने के निर्णय के बाद दी गई, जो अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक भारत के संपर्क मार्ग के रूप में इस बंदरगाह के रणनीतिक महत्त्व को रेखांकित करती है। यह व्यवस्था समयबद्ध थी और नवीनीकरण न होने पर 26 अप्रैल 2026 को समाप्त मानी जानी चाहिए, न कि अनिश्चितकालीन छूट।