राजस्थान उच्च न्यायालय ने नवंबर 2025 में जैसलमेर की गड़ीसर झील के संरक्षण के लिए राज्य सरकार को एक विस्तृत प्रतिक्रिया प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। गड़ीसर झील एक 14वीं सदी का कृत्रिम जलाशय है जिसे मूलतः राजा रावल जैसल ने बनवाया था और बाद में महारावल गड़सी सिंह ने पुनर्निर्मित किया — जिनके नाम पर इसका वर्तमान नाम पड़ा। यह झील सदियों तक रेगिस्तानी शहर जैसलमेर के लिए पेयजल का प्राथमिक स्रोत थी। झील का जलग्रहण क्षेत्र अतिक्रमण, शहरीकरण, गाद जमाव और प्रदूषण के कारण सिकुड़ गया है। यह झील थार मरुस्थल में एक महत्वपूर्ण शहरी-आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र है और सर्दियों में प्रवासी पक्षियों को आश्रय देती है। उच्च न्यायालय का हस्तक्षेप झील के जलग्रहण क्षेत्र के पास अनियंत्रित निर्माण और गाद सफाई की कमी पर नागरिक समाज की लगातार चिंताओं के बाद हुआ। यह मामला राजस्थान की पारंपरिक जल संचयन संरचनाओं — बावड़ी, कुंड, जोहड़, नाडी — के संरक्षण की व्यापक चुनौती को रेखांकित करता है।