भारत का प्रमुख समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत INS सागरध्वनि, जिसे DRDO की नौसेना भौतिक और समुद्र विज्ञान प्रयोगशाला (NPOL) संचालित करती है, 17 जनवरी 2026 को सागर मैत्री मिशन के पाँचवें संस्करण (SM-5) के लिए कोच्चि की दक्षिणी नौसेना कमान से रवाना हुआ। सागर मैत्री (अर्थात् 'समुद्री मित्रता') भारतीय नौसेना और DRDO की एक प्रमुख संयुक्त पहल है, जो सरकार की 'महासागर' दृष्टि (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक एवं समग्र उन्नति) से जुड़ी है — यह प्रधानमंत्री मोदी के सागर (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास) सिद्धांत का विस्तार है। SM-5 के तहत INS सागरध्वनि आठ हिंद महासागर तटीय (IOR) देशों — ओमान, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और म्यांमार — के साथ संयुक्त महासागर अनुसंधान करेगा। मिशन का उद्देश्य वैज्ञानिक सहयोग, समुद्री डेटा संग्रह, समुद्र विज्ञान सर्वेक्षण और भागीदार देशों के साथ वैज्ञानिक क्षमता निर्माण है। INS सागरध्वनि को NPOL ने डिजाइन किया था और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता ने निर्मित किया था — इसे जुलाई 1994 में कमीशन किया गया। हिंद महासागर भारत के व्यापार मार्गों के लिए महत्वपूर्ण है (भारत के व्यापार का 90% से अधिक समुद्री मार्गों से होता है)।