राजस्थान रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के तहत रूफटॉप सोलर पावर प्लांटों की स्थापना में तेजी ला रहा है — यह भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जुलाई 2021 में शुरू की गई सुधारों और परिणामों से जुड़ी पहल है। पाँच वर्षों (FY 2021-22 से FY 2025-26) में ₹3,03,758 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ RDSS का लक्ष्य AT&C हानि को 12% से नीचे लाना और DISCOMs के लिए ACS-ARR अंतर समाप्त करना है। औसतन 5.5-6.5 kWh/m²/day सौर विकिरण के साथ राजस्थान रूफटॉप सोलर स्थापना के लिए भारत के सर्वाधिक संभावनाशील राज्यों में है। शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रूफटॉप प्लांट लगाने की यह मुहिम ट्रांसमिशन और वितरण बुनियादी ढाँचे पर बोझ कम करती है, बिजली की गुणवत्ता सुधारती है और उपभोक्ताओं को 'प्रोसुमर' के रूप में सशक्त बनाती है। यह पहल PM सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना से भी जुड़ी है। राजस्थान का 2030 तक 90 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य भी इस अभियान को गति देता है।