प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा में माही-बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना की आधारशिला रखी। परियोजना में 700 MW क्षमता वाले चार दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) होंगे और उनकी कुल क्षमता 2,800 MW होगी। इसे अनुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (ASHVINI) विकसित कर रहा है, जो भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (NPCIL) और NTPC का संयुक्त उद्यम है। NTPC के अनुसार, NPCIL की हिस्सेदारी 51% और NTPC की 49% है तथा परियोजना में लगभग ₹42,000 करोड़ का निवेश होगा। आधिकारिक पर्यावरण प्रभाव आकलन सारांश में संयंत्र स्थल और टाउनशिप सहित परियोजना के लिए कुल 660.15 हेक्टेयर भूमि की ज़रूरत बताई गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 25 सितंबर 2025 को माही-बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना की आधारशिला रखी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2025 को बांसवाड़ा में माही-बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना की आधारशिला रखी। परियोजना में 700 MW क्षमता वाले चार दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) होंगे और उनकी कुल क्षमता 2,800 MW होगी। इसे अनुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (ASHVINI) विकसित कर रहा है, जो भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (NPCIL) और NTPC का संयुक्त उद्यम है। NTPC के अनुसार, NPCIL की हिस्सेदारी 51% और NTPC की 49% है तथा परियोजना में लगभग ₹42,000 करोड़ का निवेश होगा। आधिकारिक पर्यावरण प्रभाव आकलन सारांश में संयंत्र स्थल और टाउनशिप सहित परियोजना के लिए कुल 660.15 हेक्टेयर भूमि की ज़रूरत बताई गई है।
मुख्य तथ्य
- माही-बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (MBRAPP) की आधारशिला 25 सितंबर 2025 को राजस्थान के बांसवाड़ा में रखी गई।
- संयंत्र स्थल और टाउनशिप के लिए कुल 660.15 हेक्टेयर भूमि की ज़रूरत होगी। परियोजना में 700 MW क्षमता वाले चार दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) होंगे और उनकी कुल क्षमता 2,800 MW होगी।
- परियोजना को अनुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (ASHVINI) विकसित कर रहा है। इस संयुक्त उद्यम में NPCIL की हिस्सेदारी 51% और NTPC की 49% है।
- भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (NPCIL) संयंत्र का संचालन करेगा।
- इस परियोजना से स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ेगा और तापीय बिजली पर निर्भरता कम होगी।
- यह परियोजना 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।
6-अक्ष वर्गीकरण
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25 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी जिस माही बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना, अर्थात एमबीआरएपीपी, का शिलान्यास करने वाले थे, उसकी कुल स्थापित क्षमता कितनी होगी?
लेख के अनुसार इस परियोजना में चार 700 मेगावाट दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) होंगे, जिनकी कुल क्षमता 2,800 मेगावाट है, और यह राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में 1,366 एकड़ क्षेत्र में स्थापित की जाएगी।
स्रोत: समाचार स्रोत
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
माही-बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (MBRAPP) क्या है और इसकी आधारशिला कब रखी गई?
माही-बांसवाड़ा राजस्थान परमाणु ऊर्जा परियोजना (MBRAPP) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में एक परमाणु ऊर्जा परियोजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर 2025 को इसकी आधारशिला रखी।
MBRAPP में किस प्रकार के रिएक्टर होंगे तथा उसकी कुल विद्युत उत्पादन क्षमता और भूमि की ज़रूरत कितनी है?
MBRAPP में 700 MW क्षमता वाले चार दाबित भारी जल रिएक्टर (PHWR) होंगे और उनकी कुल स्थापित क्षमता 2,800 MW होगी। संयंत्र स्थल और टाउनशिप के लिए कुल 660.15 हेक्टेयर भूमि की ज़रूरत होगी।
MBRAPP को विकसित करने वाले ASHVINI संयुक्त उद्यम में कौन-कौन से साझेदार हैं और निवेश कितना है?
MBRAPP को अनुशक्ति विद्युत निगम लिमिटेड (ASHVINI) विकसित कर रहा है। इस संयुक्त उद्यम में भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (NPCIL) की हिस्सेदारी 51% और NTPC की 49% है। परियोजना में कुल निवेश लगभग ₹42,000 करोड़ है।
MBRAPP भारत के गैर-जीवाश्म और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में कैसे मदद करेगा?
MBRAPP 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता हासिल करने की भारत की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाएगी और तापीय यानी कोयला-आधारित बिजली पर निर्भरता कम करेगी।
MBRAPP संयंत्र के चालू होने के बाद उसका संचालन कौन करेगा?
परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन भारत सरकार का उद्यम, भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (NPCIL), MBRAPP संयंत्र का संचालन करेगा।
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