प्रकाशित: 28 जनवरी 2026समाचार स्रोतअर्थव्यवस्था
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 का विस्तृत विश्लेषण: गिग अर्थव्यवस्था, विनियमन में ढील और जलवायु अनुकूलन अध्याय
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को 29 जनवरी 2026 को संसद में प्रस्तुत किया गया। इसमें तीन महत्त्वपूर्ण नीति क्षेत्रों पर विशेष अध्याय शामिल किए गए: गिग अर्थव्यवस्था एवं श्रम का औपचारीकरण, राज्य-स्तरीय नियमन में ढील, और जलवायु अनुकूलन रणनीति।
गिग अर्थव्यवस्था अध्याय के अनुसार भारत में गिग कर्मियों की संख्या 1.2 करोड़ है — इनमें प्लेटफ़ॉर्म-आधारित डिलीवरी, राइड-हेलिंग, फ्रीलांसिंग और घरेलू सेवाएँ शामिल हैं। इन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का अभाव, अनियमित आय और कानूनी रोजगार दर्जे की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सर्वेक्षण में 2019-20 में अधिनियमित चार श्रम संहिताओं, विशेषकर सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, के ज़रिए गिग कर्मियों को ऐसे सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की सिफारिश की गई है जो नौकरी या प्लेटफ़ॉर्म बदलने पर भी उनके साथ बने रहें। इसका अर्थ है कि कोई कर्मी जब एक प्लेटफ़ॉर्म से दूसरे पर जाए, तो उसके संचित लाभ नष्ट न हों।
नियमन में ढील वाले अध्याय में 2021 से 2025 के बीच 630 से अधिक राज्य-स्तरीय नियामक सुधारों का विवरण दिया गया है। इनमें व्यापार लाइसेंसिंग का सरलीकरण, भूमि उपयोग अनुमोदन, पर्यावरण मंजूरियाँ और भवन निर्माण अनुमतियाँ शामिल हैं। सर्वेक्षण का तर्क है कि जिन राज्यों ने नियमन में तेजी से ढील दी, उन्हें अधिक FDI और MSME विकास मिला। यह 'नियामक गिलोटिन' — पुराने नियमों की व्यवस्थित समीक्षा और समाप्ति — की वकालत करता है।
जलवायु अध्याय में भारत की 'अनुकूलन-प्रथम' रणनीति को वैश्विक शमन-केंद्रित दृष्टिकोण से अलग बताया गया है। सर्वेक्षण में चेतावनी दी गई है कि तेज ऊर्जा संक्रमण से ग्रिड पर दबाव बढ़ेगा और सौर-पवन ऊर्जा की रुक-रुक कर होने वाली आपूर्ति को बेसलोड से समन्वित करना चुनौतीपूर्ण होगा। ग्रिड आधुनिकीकरण, भंडारण क्षमता और प्राकृतिक गैस-आधारित पीकिंग क्षमता में निवेश की सिफारिश की गई है।
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6-अक्ष वर्गीकरण
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत के गिग कर्मियों की अनुमानित संख्या क्या है?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारत में गिग कर्मियों की संख्या 1.2 करोड़ है, जो प्लेटफॉर्म-आधारित डिलीवरी, राइड-हेलिंग, फ्रीलांसिंग और घरेलू सेवाओं में कार्यरत हैं।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में गिग कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा देने का क्या प्रस्ताव है?
सर्वेक्षण में सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 (2019-20 की चार श्रम संहिताओं में से एक) के तहत ऐसे सामाजिक सुरक्षा लाभ देने की सिफारिश की गई है, जिन्हें प्लेटफॉर्म बदलने पर भी साथ रखा जा सके।
'नियामक गिलोटिन' क्या है?
नियामक गिलोटिन पुराने नियमों की व्यवस्थित समीक्षा कर उन्हें समाप्त करने की व्यवस्था है। सर्वेक्षण 630+ राज्य-स्तरीय सुधारों का हवाला देते हुए इसे FDI और MSME विकास के जरिए आर्थिक विकास को गति देने वाला उपाय मानता है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में भारत की 'पहले अनुकूलन' वाली जलवायु रणनीति क्या है?
यह दृष्टिकोण विकास की अवस्था को ध्यान में रखते हुए उत्सर्जन में कटौती से पहले कृषि, जल प्रबंधन, तटीय सुरक्षा और शहरी क्षेत्रों में गर्मी से निपटने की क्षमता बढ़ाने में निवेश को प्राथमिकता देता है।
सर्वेक्षण ऊर्जा संक्रमण से ग्रिड पर दबाव बढ़ने की चेतावनी क्यों देता है?
सौर और पवन ऊर्जा की आपूर्ति अनियमित होती है, जबकि बेसलोड की जरूरत निरंतर रहती है। इसलिए सर्वेक्षण में ग्रिड आधुनिकीकरण, भंडारण तकनीक और गैस-आधारित ऐसी पीकिंग क्षमता में निवेश की सिफारिश की गई है, जिसे जरूरत के अनुसार लचीले ढंग से इस्तेमाल किया जा सके।