भारत ने 7 दिसंबर 2025 को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया — 1949 से यह वार्षिक राष्ट्रीय दिवस इसी तारीख को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय थल सेना, नौसेना और वायु सेना के सेवारत रक्षा कर्मियों, युद्ध हताहतों, वीरनारियों (शहीद सैनिकों की विधवाओं), भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए धन संग्रह को समर्पित है। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने सभी सैन्य कर्मियों, भूतपूर्व सैनिकों और वीरनारियों को भारत की रक्षा में उनकी समर्पित सेवा के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। सशस्त्र सेना झंडा दिवस 2025 का विषय 'कल्याण और कृतज्ञता' था। तीनों सेवा शाखाओं — थल सेना, नौसेना और वायु सेना — ने परेड, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जन-संपर्क सहित दान संग्रह के कई आयोजन किए। लाल (थल सेना), गहरे नीले (नौसेना) और हल्के नीले (वायु सेना) रंग के झंडे केंद्रीय सैनिक बोर्ड द्वारा प्रबंधित सशस्त्र सेना झंडा दिवस निधि में स्वैच्छिक योगदान के बदले जनता को वितरित किए गए। यह निधि दिव्यांग भूतपूर्व सैनिकों के पुनर्वास, शहीद सैनिकों के बच्चों की शिक्षा और वीरनारियों के कल्याण में मदद करती है। राजस्थान — प्रति व्यक्ति सर्वाधिक सेवारत सैनिकों वाले राज्यों में से एक — में भूतपूर्व सैनिक संगठनों ने सभी 50 जिलों में झंडा वितरण अभियान चलाए।