प्रकाशित: 25 नवंबर 2025समाचार स्रोतराजव्यवस्था
76वां संविधान दिवस: पहली बार बोडो और कश्मीरी भाषाओं में संविधान जारी
भारत ने 26 नवंबर 2025 को संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में 76वां संविधान दिवस मनाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने समारोह की अध्यक्षता की और संविधान का नौ भाषाओं — मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओड़िया और असमिया — में डिजिटल संस्करण जारी किया।
यह पहली बार था जब बोडो और कश्मीरी संस्करण प्रकाशित हुए। गृह मंत्री अमित शाह ने बोडोलैंड और जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी। कार्यक्रम में राष्ट्रपति के नेतृत्व में प्रस्तावना का पाठ शामिल था। 2025 का विषय 'हमारा संविधान - हमारा स्वाभिमान' था।
मेन्स दृष्टिकोण
प्रश्न: 26 नवंबर 2025 को मनाए गए 76वें संविधान दिवस के महत्व पर चर्चा कीजिए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा भारत के संविधान के बोडो एवं कश्मीरी भाषाओं में पहली बार विमोचन को विविध भाषाई क्षेत्रों में संवैधानिक मूल्यों की गहरी पहुंच के संदर्भ में रेखांकित कीजिए।
उत्तर (50 शब्द):
26 नवंबर 2025 को भारत ने संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में 76वाँ संविधान दिवस मनाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संविधान डिजिटल रूप से नौ भाषाओं में जारी किया। बोडो एवं कश्मीरी संस्करण पहली बार आए, जिससे विविध क्षेत्रों में संवैधानिक मूल्यों की पहुंच गहरी होती है। विषय था 'हमारा संविधान - हमारा स्वाभिमान'।
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76वें संविधान दिवस पर भारत का संविधान कितनी नई क्षेत्रीय भाषाओं में लॉन्च किया गया?
व्याख्या · सही उत्तर Cसंविधान को नौ नई भाषाओं में जारी किया गया: मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया। बोडो और कश्मीरी संस्करण पहली बार प्रकाशित हुए।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भारत ने अपना 76वां संविधान दिवस कब और कहां मनाया?
भारत ने अपना 76वां संविधान दिवस 26 नवंबर 2025 को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में मनाया।
संविधान का डिजिटल संस्करण किसने जारी किया और किन भाषाओं में जारी किया गया?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारत के संविधान का डिजिटल संस्करण मलयालम, मराठी, नेपाली, पंजाबी, बोडो, कश्मीरी, तेलुगु, ओडिया और असमिया में जारी किया।
बोडो और कश्मीरी संस्करणों के बारे में क्या उल्लेखनीय था, और अमित शाह ने इस कदम को कैसे बताया?
यह पहली बार था जब संविधान के बोडो और कश्मीरी संस्करण प्रकाशित हुए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन और जम्मू-कश्मीर के लोगों को बधाई दी और इसे विविध क्षेत्रों में संवैधानिक मूल्यों को गहरा करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
2025 के समारोह का विषय और कार्यक्रम के कौन-से हिस्से बताए गए?
2025 का विषय 'हमारा संविधान - हमारा स्वाभिमान' था। कार्यक्रम में राष्ट्रपति के नेतृत्व में प्रस्तावना का पाठ शामिल था।