भारतीय रिज़र्व बैंक ने 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी विनियामक समीक्षा प्रकोष्ठ (RRC) की स्थापना की घोषणा की, ताकि सभी विनियमों की हर 5 से 7 वर्ष में नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जा सके। हितधारकों की राय लेने के लिए बाहरी विशेषज्ञों वाला एक स्वतंत्र विनियमन सलाहकार समूह (AGR) भी गठित किया गया है।

RRC मौजूदा विनियमों की प्रासंगिकता, प्रभावशीलता और अनुपालन के बोझ की व्यवस्थित जांच करेगा। इस पहल का उद्देश्य विनियामक जटिलता कम करना, पुराने प्रावधानों को हटाना और विवेकपूर्ण सुरक्षा उपायों को बनाए रखते हुए वित्तीय क्षेत्र में अधिक व्यापार-अनुकूल वातावरण बनाना है। AGR में बैंकिंग, NBFC, फिनटेक और शिक्षा जगत के प्रतिनिधि शामिल होंगे।