भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. एम. एल. जाट ने 22 सितंबर 2025 को नई दिल्ली में मैत्री 2.0 शुरू किया। यह कृषि-प्रौद्योगिकी में ब्राजील-भारत क्रॉस-इनक्यूबेशन कार्यक्रम का दूसरा संस्करण है। इसका केंद्रीय विचार दोनों देशों के इनक्यूबेटर तंत्र को जोड़ना, सह-इनक्यूबेशन को बढ़ावा देना और कृषि-प्रौद्योगिकी से जुड़े बेहतर कामकाजी अनुभवों का आदान-प्रदान करना है।
परीक्षा की दृष्टि से यह विषय विज्ञान-प्रौद्योगिकी, समसामयिकी, कार्यक्रमों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के मेल पर आता है। कार्यक्रम का महत्व केवल एक औपचारिक शुरुआत तक सीमित नहीं है; यह टिकाऊ कृषि, डिजिटल प्रौद्योगिकी और मूल्य-श्रृंखला विकास जैसे क्षेत्रों में नए अवसर बनाने की दिशा दिखाता है। कृषि में इनक्यूबेटर संबंध, तकनीक-आधारित समाधान और बाजार से जुड़ी मूल्य-श्रृंखला ऐसे बिंदु हैं जिन्हें प्रारंभिक परीक्षा में सीधे तथ्य के रूप में पूछा जा सकता है। मुख्य परीक्षा में इससे नवाचार, कृषि आधुनिकीकरण और द्विपक्षीय सहयोग के उदाहरण के रूप में उत्तर समृद्ध किया जा सकता है। कार्यक्रम की बनावट यह भी दिखाती है कि कृषि नवाचार में संस्थागत सहयोग और इनक्यूबेशन समर्थन को साथ-साथ देखा जा रहा है।
मैत्री 2.0 पांच दिवसीय कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया, जिसमें कार्यशालाएं, पैनल चर्चा और नेटवर्किंग शामिल रहे। इसलिए उम्मीदवारों को तीन स्तरों पर बात याद रखनी चाहिए: किसने शुरू किया, कहां और कब शुरू किया गया, और इसका उद्देश्य क्या है। उत्तर में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, 22 सितंबर 2025, ब्राजील-भारत क्रॉस-इनक्यूबेशन, टिकाऊ कृषि, डिजिटल प्रौद्योगिकी और मूल्य-श्रृंखला विकास जैसे कीवर्ड उपयोगी रहेंगे। स्टैटिक जीके से इसका संबंध कृषि अनुसंधान संस्थानों, इनक्यूबेशन मॉडल, कृषि में डिजिटल तकनीक और भारत-ब्राजील सहयोग से जोड़ा जा सकता है।
